=युगे युगे युगे धृतराष्ट्र युगे युगे संजय*
प्रतिभा सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली 16दिसंबर।
निष्काम कर्म करके माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने तथा ईडी के अफसरों ने संविधान का मान बढ़ाया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी निष्काम कर्म की कसौटी पर खरे उतरे हैं। यानी आरोप पत्र दाखिल करने वाला, आरोप पत्र को पढ़ने वाले, तथा आरोपित, सभी निष्काम कर्म की कसौटी पर खरा उतरे हैं।
हेराल्ड अखबार मामले में पेश चार्जशीट का माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने ने आज 16दिसंबर को संज्ञान लेने लायक नहीं माना। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस तथा न्यायप्रिय लोग आज राहत महसूस कर रहें होंगे।
हेराल्ड मामला आज महाभारत सिद्ध हुआ!21वीं शताब्दी में 16दिसंबर 2025का दिन पांच हजार वर्ष पुरानी कथा महाभारत की याद को ताजा कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण के निष्काम कर्म के ज्ञान की याद को भी ताजा कर दिया।
नेशनल हेराल्ड मामले में स्पेशल जज विशाल गोगने ने ईडी की सात वर्ष की जांच रिपोर्ट को शिकायत बताते हुए साक्ष्य जुटाने का आदेश दिया तथा संज्ञान में नहीं लिया।
मीडिया में वायरल खबर को महाभारत शैली में प्रस्तुत करें तो:
21वीं शताब्दी का तीसरा दशक। 16दिसंबर 2025 का दिन। नेशनल हेराल्ड मामले में चार्जशीट ईडी ने दाखिल की। माननीय स्पेशल जज श्री विशाल गोगने ने कहा:
आरोप पत्र शिर्फ शिकायत है। आरोप पत्र संज्ञान में लेने लायक नहीं है। यह हाल उस आरोप पत्र का है जिसे ईडी ने संज्ञान लेने के सात वर्ष बाद आज दायर किया।
21शताब्दी के इस मामले को महाभारत में संजय द्वारा धृतराष्ट्र को सुनाई गई कथा की तरह लें तो 16दिसंबर 2025का दिन धृतराष्ट्र को 21वीं शताब्दी में हेराल्ड की कथा सुनाने के लिए याद किया जाएगा।
माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा-आरोप पत्र में संज्ञान के लायक कोई तथ्य नहीं है।दर्ज आरोप के अनुसार साक्ष्य पेश कीजिए। फिर इस मामले को सुनूंगा।

नई दिल्ली निष्काम कर्म करके माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने तथा ईडी के अफसरों ने संविधान का मान बढ़ाया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी निष्काम कर्म की कसौटी पर खरे उतरे हैं। यानी आरोप पत्र दाखिल करने वाला, आरोप पत्र को पढ़ने वाले, तथा आरोपित, सभी निष्काम कर्म की कसौटी पर खरा उतरे हैं…
विदित है कि हेराल्ड मामले को सात वर्ष तक ईडी के हवाले से खुब उछाला गया। लंबी लंबी पूछताछ सोनिया गांधी तक से की गई। उसी मामले में ईडी साक्ष्य जुटाने में ईडी के अफसर नाकाम रहे।
आज हेराल्ड मामले में लगा कि भगवान श्रीकृष्ण राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस के साथ खड़े हैं। निष्काम कर्म ईडी ने किया है। भगवान श्रीकृष्ण हेराल्ड मामले के बहाने निष्काम कर्म करने की प्रेरणा संस्थाओं को दे रहे हैं।
भगवान के प्रति सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के समर्थक भी निष्काम कर्म के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर रहे होंगे।
सुनिश्चित है कि परमात्मा जो चाहेंगे, आत्मा भी वही चाहेगी। लेकिन इंद्रियों के विषय में बात दूसरी है। इंद्रियां, सबसे अधिक सत्ता के संबंध से प्रभावित होती हैं। दूसरे नंबर पर देह से प्रभावित हैं। तीसरे नंबर प्रलोभन आता है। चौथे नंबर पर आदत आती है। पांचवें नंबर आत्मा का निर्देशन आता है। इंद्रियां भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही आत्मा के निर्देशन में काम करती हैं। हेराल्ड मामले में स्पेशल जज माननीय विशाल गोगने का निर्णय निश्चित रूप से निष्काम कर्म के दर्शन को पुनर्जीवित करने का काम किया है। सोनिया गांधी ने हेराल्ड मामले में निष्काम कर्म किया है। ईडी के अफसरों ने भी निष्काम कर्म किया है।
भगवान या गाड या अल्लाह में जिन्हें यकीन होगा, वे माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने, ईडी के अफसरों तथा सोनिया गांधी व राहुल गांधी का पक्ष हेराल्ड अखबार मामले में सुनकर अवश्य कहेंगे:
“जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो हुआ अच्छा हुआ और जो होगा वह और भी अच्छा होगा”। मनुष्य को निष्काम भाव से अपने स्वधर्म( कर्म) का अनुपालन करना चाहिए। ईडी के अफसरों ने, माननीय स्पेशल जज विशाल गोगने ने तथा सोनिया गांधी व राहुल गांधी ने निष्काम कर्म की मिसाल पेश करके संविधान और संस्कृति का मान बढ़ाया है।























