नजरिया न्यूज, 11अक्टबूर।
आईसीएमआर की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय थाली में कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। वहीं मोदीकेयर का अध्ययन बताता है कि मोदीकेयर वेल स्प्रुलीना भोजन में किसी भी प्रकार के अभावों का विकल्प बन सकता है।
फिलहाल भोजन में अभाव का अध्ययन किया गया तो पाया गया कि भारतीय भोजन में कार्बोहाइड्रेट 62% तक होते हैं, जबकि प्रोटीन और हेल्दी फैट कम होते हैं। यह असंतुलन डायबिटीज और मोटापे के बढ़ते मामलों से जुड़ा है।






















