= ग्राम पंचायत कंम्मरपुर की भी भूजल रिचार्जिंग योजना आने-जाने वालों को कर रही प्रेरित
संदीप सुलतानपुरी, संवाददाता नजरिया न्यूज करौदीकलां, 8अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम स्वर्ण अक्षरों में तालाबों का जीर्णोद्धार और हर घर में शौचालय अभियान के लिए इतिहास लिख रहा है। मात्र दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत देश के सबसे महानतम कार्यों में से एक वाटररिचार्जिग को याद करते हुए ग्राम पंचायतों का नाम लिए बगैर कहा:प्रदेश के 01 से 05 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 16,610 तालाबों में से 1,343 तालाबों का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है। इससे पहले उन्होंने कहा
प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष वर्षाकाल से पूर्व अर्थात् 01 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से निःशुल्क मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के पश्चात इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की:
प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।
उन्होंने बताया:प्रत्येक वर्ष 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल उत्पन्न करने में सक्षम हुए हैं। वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है।

सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश -ब्लाक मुख्यालय करौदीकलां, ग्राम पंचायत अमरेमउ में स्थित तालाब वाटर हार्वेस्टिंग को कर चरितार्थ: ग्रामीण
=प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम स्वर्ण अक्षरों में तालाबों का जीर्णोद्धार और हर घर में शौचालय अभियान के लिए इतिहास लिख रहा है: विवेचना
उन्होंने कहा:
वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 01 से 05 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 16,610 तालाबों में से 1,343 तालाबों का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6,192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18,576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा: वर्ष 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत् प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, यह संतोषजनक स्थिति है। इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा:
जैसे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण का कार्य भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा: प्रत्येक जनपद में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों का फोटोग्राफिक डॉक्यूमेन्टेशन कराया जाए।
ग्राम प्रधान अमरेमउ और कंम्मरपुर के ग्राम प्रधान ने कहा: जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संकल्पना हम सभी के लिए अनुकारणीय है।






















