- तथाकथित बड़े क़द के जनप्रतिनिधियों के स्वार्थ का शिकार बना नगर निगम
पिछले दो दिनों से जिले सहित शहर में हुए रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद एक ओर जहां पूरा शहर जलमग्न हो गया। जिसके बाद कुछ स्थानीय लोगो ने इसका ठीकरा नगर निगम व मेयर प्रीति गुप्ता पर फोड़ने का प्रयास किया और फेसबुक व अन्य माध्यमो से उनको इसके लिए जिम्मेवार बताया जिसके बाद आज मेयर प्रीति गुप्ता ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इसपर पलटवार किया है और अपने बिरोधियो पर जमकर प्रहार किया है और कहा की मैं यहां की जनता के सवालों से भागने वाली नही हूँ ।मैं उनको बता दूं कि इस बार जो बरसात आई है वो रिकॉर्ड तोड़ बरसात था और पूरा नगर जलमग्न हो गया था ।मोतिहारी ही नही बिहार के लगभग सभी शहरों में ऐसी ही स्थिति थी ,जिसके बावजूद मैंने यहां के सभी सफाई कर्मचारियों की छुट्टी रद्द करके उन्हें युद्ध स्तर पर काम पर लगाया और उनलोगों ने रिकॉर्डतोड़ कम समय मे जीतोड़ मेहनत करके शहर के सभी प्रमुख मार्गों व गलियों से पानी की निकासी करा दी है
विरोधियों पर बोला हमला, 56 करोड़ योजना को तथाकथित जनप्रतिनिधियों ने सत्ता के बल का दुरुपयोग करते हुए लटकाया
उन्होंने ये भी कहा कि नगर निगम मोतिहारी के वासियों की जन समस्याओं जैसे नाला, रोड, पुल, पुलिया के निर्माण कार्य कराने के लिए कुल 94 योजनाओं, जिसकी कुल अनुमानित राशि रुपया — 41 करोड़ के योजनाओं का प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए निविदा आमंत्रित कराई गई थी। लेकिन तथाकथित बड़े क़द के जनप्रतिनिधियों के स्वार्थ का शिकार नगर निगम बन रहा है। करोड़ों रुपया के सैकड़ों योजनाओं के टेंडर को लटका कर रखा गया है। अगर सभी योजनायें क्रियान्वित हो गयी होती तो जलजमाव की इतनी बड़ी समस्या खड़ी नहीं होती।
परंतु कुछ बड़े राजनीतिक क़द वाले व्यक्तियों के द्वारा निगम क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों को देखा नहीं गया। उनके द्वारा सत्ता के बल का दुरुपयोग करते हुए निगम क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों को गलत-सलत तथ्य देकर रुकवा दिया गया है। उनके द्वारा यह तथ्य दिया गया है कि जो निविदा निगम के द्वारा निकाली गई है, उसमें एक वार्ड की योजना नहीं ली गई है।
क्या यह सही है कि सिर्फ एक वार्ड की योजना उस निविदा में नहीं निकाली गई तो उसके लिए निगम क्षेत्र के 45 वार्डों का विकास कार्य बाधित कर दिया जाए? जबकि निगम के द्वारा आगामी बैठक में छूटे हुए उक्त एक वार्ड के भी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।परंतु तथाकथित बड़े क़द वाले नेताओं के द्वारा विकास कार्य का श्रेय नगर निगम को प्राप्त न हो, इसके लिए मेरे ऊपर सत्ता के बल का दुरुपयोग करते हुए विभागीय जांच प्रारंभ करा दी गई है।






















