दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर शुक्रवार की शाम अररिया शहर ने संगीत, नृत्य और भक्ति से सजी एक अद्भुत संध्या देखी। 26 सितंबर 2025 की शाम 7 बजे शहर के प्रतिष्ठित प्राइम हॉल (विवाह भवन) में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों को भक्ति और उल्लास के माहौल में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन अररिया कला केंद्र, अररिया द्वारा किया गया था। बच्चों ने माँ दुर्गा के आगमन और नवरात्र की शारदीय महिमा को समर्पित नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से दीप प्रज्वलन के साथ हुई। दीप जलाने का सौभाग्य वरिष्ठ अधिवक्ता सह पत्रकार श्री विनोद प्रसाद, मशहूर गायक एवं संगीत शिक्षक अमर आनंद, उपस्थित अतिथिगण, बच्चों के अभिभावक तथा कला केंद्र परिवार को प्राप्त हुआ। शंखध्वनि और महालय के गीतों के बीच दीप की लौ के साथ वातावरण में भक्ति और संस्कृति की सुगंध फैल गई।
मंच संचालन की जिम्मेदारी दीपशिखा और बिबेक कुमार ने बखूबी निभाई। उन्होंने अपनी ऊर्जा और सधे हुए अंदाज से दर्शकों को बांधे रखा। कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा कला केंद्र की संस्थापिका मौसमी सिन्हा और रचना कुमारी द्वारा तैयार की गई थी।
कला केंद्र की ओर से सभी बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्य अतिथियों द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। यह पल बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए गर्व का क्षण रहा।
कार्यक्रम में शहर की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें अशोक सिंह, राजीव सिंह, बिनीत प्रकाश, बिबेक प्रकाश, सतीश मिश्रा, रबी भगत, मनीष कुमार, विभाग कुमार, विकास प्रकाश, भोलेश्वर सागर, रंजन सिंह, अमित अमन, विपुल कुमार कर्ण, शुभम गुप्ता, डॉली बनर्जी, सुशीला देवी, ममता कुमारी, मीरा कुमारी, सीमा सोमानी, चांदनी झा, सुमना बनर्जी, प्रज्ञा प्रीति, पूनम कुमारी, विजय कुमार और चेतन कुमार सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि एवं सम्मानित नागरिक मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि श्री विनोद प्रसाद ने बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा,
“आप सभी में अपार प्रतिभा है। समाज के सहयोग से आप और ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे। मैं हर संभव मदद के लिए तैयार हूँ।”
प्रसिद्ध गायक अमर आनंद बच्चों की कला देखकर भावुक हो उठे और बोले,
“मैं स्वयं एक कलाकार हूँ, और इन बच्चों में भविष्य के बड़े कलाकारों की झलक देखता हूँ। गायन के क्षेत्र में इन्हें जो भी सहयोग चाहिए, मैं अवश्य दूँगा।”
वरिष्ठ पत्रकार अमित अमन ने कहा,
“मैं पिछले 20 वर्षों से कला केंद्र के कार्यों को देख रहा हूँ। अररिया कला केंद्र ने हमेशा सम्मान और समानता के साथ कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया है। यहाँ से निकले बच्चे आज विभिन्न मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं।”
कार्यक्रम के दौरान माँ दुर्गा के भजनों और लोकगीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चों की नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक तालियाँ बजाते रहे और उनका उत्साहवर्धन करते रहे।
इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि अररिया कला केंद्र न केवल शहर बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र में कला और संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। दुर्गा पूजा के इस शुभ अवसर पर हुए आयोजन ने समाज को एकजुट होकर संस्कृति और परंपरा को संवारने का प्रेरक संदेश दिया।























