दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में संचालित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेेजेएस) के सामाजिक प्रकल्प संतुलन द्वारा अररिया शाखा के शिवपुरी आश्रम में 21 सितंबर 2025 को नवरात्रि उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
भक्ति, आध्यात्म और महिला सशक्तिकरण के संदेश से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की अंतर्निहित शक्ति को जाग्रत कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं दृढ़ संकल्पित बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रचना प्रकाश, मौसमी सिंह (सचिव, अररिया कला केंद्र), ज्योति भगत (महामंत्री, भाजपा महिला मोर्चा), पूजा आनंद (भाजपा नेत्री) एवं पूनम बरनवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन से किया गया।
इस वर्ष का थीम “भर हुंकार महिष मर्दिनी सी” रखा गया, जिसका तात्पर्य नारी की अदम्य शक्ति और उसके जागरण से था। आयोजकों ने कहा कि हर महिला के भीतर महिषासुर संहारिणी देवी शक्ति विद्यमान है, जिसे आत्मविश्वास और साहस से पहचानना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता साध्वी अमृता भारती जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी समाज में कई प्रकार के “महिषासुर” मौजूद हैं, जो कभी सामाजिक बंधनों, कभी असामाजिक तत्वों और कभी विकृत मानसिकता के रूप में महिलाओं के मार्ग में बाधा बनते हैं।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे देवी दुर्गा के रूपों से प्रेरणा लेकर आत्मबल और आत्मविश्वास के साथ जीवन की हर चुनौती का सामना करें।
महिला जागरण को केंद्र में रखकर कार्यक्रम में अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। प्रतिभागियों से इतिहास की उन सशक्त महिलाओं पर प्रश्न पूछे गए, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी।
वहीं समूह आधारित खेलों के माध्यम से आपसी एकता और संप्रेषण की शक्ति का संदेश दिया गया। इसके अलावा मां दुर्गा के नौ रूपों पर विशेष चर्चा कर उनके जीवनोपयोगी संदेशों को विस्तार से बताया गया।
इस मौके पर स्थानीय महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। अरविन्द जी, शेखर झा, सरिता भारती, रानी देवी, कविता देवी, सरोज देवी, सुमन देवी, नीलम देवी सहित कई गणमान्य लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बना दिया।
नवरात्रि उत्सव ने जहां धार्मिक उत्साह को प्रबल किया, वहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर, सजग और साहसी बनने का सशक्त संदेश भी दिया। यह आयोजन अररिया में भक्ति और सामाजिक चेतना का अनोखा संगम साबित हुआ।























