हर गुरुवार का दिन केवल जांच का नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का दिन है
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता किशनगंज, 05सितंबर।
आज की बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान ने गैर संचारी रोगों (एनसीडी) को गाँव-गाँव तक पहुँचा दिया है। मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियाँ अब चुपचाप लोगों की ज़िंदगी पर कब्ज़ा जमा रही हैं। कई बार यह रोग तब सामने आते हैं जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें लेकर विशेष सतर्कता अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हर गुरुवार आयोजित होने वाला “स्थिर गैर संचारी रोग दिवस” अब लोगों के लिए सेहत की रक्षा का एक अहम अवसर बन चुका है।
आज भी सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हुआ आयोजन
जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया की इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज भी जिले के सभी स्वास्थ्य हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थिर दिवस सेवाओं का आयोजन किया गया।इस दौरान ग्रामीणों की रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर सहित अन्य आवश्यक जाँचें की गईं और उन्हें मुफ्त दवाएँ तथा परामर्श उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर गैर संचारी रोगों की जाँच और फॉलोअप पर विशेष ध्यान दिया गया।
“गाँव-गाँव में जागरूकता बढ़ रही है” — डॉ. उर्मिला कुमारी
आयोजन का निरीक्षण जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने किया। उन्होंने कहा की “आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोग बिना लक्षणों के भी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। हर गुरुवार की स्क्रीनिंग से अब यह संभव हो पा रहा है कि समय रहते पहचान कर इलाज शुरू किया जाए। गाँव-गाँव में जागरूकता बढ़ी है और लोग खुद जाँच कराने आगे आ रहे हैं।”
समय रहते जाँच कराना ही सबसे बड़ी बचाव की रणनीति है” — सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा की गैर संचारी रोग छुपकर जीवन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाते हैं। मधुमेह और रक्तचाप की अनदेखी आगे चलकर घातक साबित होती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने हर गुरुवार को एनसीडी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन जाँच, उपचार, दवा वितरण और फॉलोअप की सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वेच्छा से स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुँचकर जाँच कराएँ और नियमित रूप से दवा लें।
स्वास्थ्य सबसे बड़ा निवेश है” — जिलाधिकारी

किशनगंज, बिहार -लोग बिना लक्षणों के भी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं: डॉ. उर्मिला कुमारी
=हर गुरुवार की स्क्रीनिंग से अब यह संभव हो पा रहा है कि समय रहते रोगों की पहचान कर इलाज कराया जा सके: डॉ.उर्मिला कुमारी
इस अभियान को लेकर जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा की सरकार का उद्देश्य सिर्फ इलाज देना नहीं, बल्कि लोगों को समय रहते बीमारियों से बचाना है। यदि हम गंभीर बीमारियों को शुरुआती अवस्था में पहचान लें तो न सिर्फ जीवन सुरक्षित रहेगा, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम होगा। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा निवेश है, इसलिए हर व्यक्ति को इसमें भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।”
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने आमजनों के लिए दिए विशेष संदेश
यदि आपकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है, तो हर गुरुवार नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र ज़रूर जाएँ।
सिर दर्द, थकान, चक्कर आना या अचानक वजन बढ़ना-घटना जैसी छोटी समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करें।
समय पर जाँच और नियमित दवा से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।























