आसानी से ऋण उपलब्ध- विवेचना
जीविका डीपीएम ने ग्हण किया पदभार ग्रहण
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो, किशनगंज, 15जुलाई।
किशनगंज जिला में 2 लाख 30 हजार से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में जीविका दीदियों को स्वयं सहायता समूह, बैंकों से जुड़ाव कर, आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे वे स्वरोजगार कर सकें। पूंजीगत उपलब्धता से अपने उद्यम को आगे बढ़ा सकें। सूक्ष्म उद्यम, आधुनिक विधि से खेती, चाय पत्ता, अनानास इत्यादि नकदी फसल उत्पादन, पशुपालन, लघु कुटीर उद्योग के माध्यम से स्वावलंबित हो सके। इस ओर जीविका के माध्यम से कई कदम उठाय गए हैं। जीविका किशनगंज की नव नियुक्त जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने जीविका की सभी कर्मियों को इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने जीविका कर्मियों के साथ आयोजित बैठक में जिला में छूटे हुए परिवारों को समूह से जोड़ने का निर्देश दिया। कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करें। किशनगंज जिला में जीविका के माध्यम से 20 हजार 49 स्वयं सहायता समूह का संचालन किया जा रहा है।14 सौ 58 ग्राम संगठन और 32 संकुल स्तरीय संघ काम कर रहा है।

जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने पदभार ग्रहण करने के बाद बताया,किशनगंज में 26 सौ से अधिक जीविका दीदियों को सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिया गया है-नजरिया न्यूज
सामुदायिक संगठन के माध्यम से जीविका दीदियों के सामाजिक – आर्थिक विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने बताया कि किशनगंज में 26 सौ से अधिक जीविका दीदियों को सतत् जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिया गया है।उन्होंने कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण से परिवार और समाज मजबूत बनेगा। जीविका के माध्यम से महिलाएं सशक्त बन रही हैं। वे मुखर हो रही हैं। घर के चहारदीवारी से बाहर निकल कर अपने हित के लिए काम कर रही हैं। सामुदायिक संगठन में नियमित बैठक, बचत, आपसी ऋण लेन – देन, लेखांकन, ससमय ऋण की वापसी जैसे कार्य कर वे अपनी संस्था और खुद को मजबूत कर रही हैं। विकास के साथ – साथ, जीविका दीदियाँ, समाज सुधार के कार्यों में अपनी महती भूमिका निभा रही हैं। बाल विवाह रोकथाम, दहेज प्रथा निवारण, नशा बंदी जैसे सामाजिक कार्यों में अपनी भागेदरी दे रही हैं। जीविका दीदियों के सामूहिक, सकारात्मक और रचनात्मक प्रयास से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अनुकरणीय कार्य किया जा रहा है।जीविका दीदियां अपनी जिजीविषा, मेहनत, लगन से आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।























