- कालाजार प्रभावित कुल 41 पंचायत अंतर्गत 41 गांव छिड़काव के लिये चिह्नित
- प्रभावित गांवों में डोर टू डोर जाकर कर्मी करेंगे कालाजार रोधी दवा का छिड़काव
अररिया, 18 फरवरी।
जिले में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण का छिड़काव अभियान मंगलवार से शुरू हुआ। 60 दिवसीय छिड़काव अभियान के क्रम में प्रशिक्षित कर्मी चिह्नित गांवों में डोर टू डोर जाकर कालाजार रोधी दवा सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव करेंगे। इस क्रम में कालाजार संभावित मरीजों को चिह्नित करने का कार्य भी साथ-साथ संचालित किया जायेगा। गौरतलब है कि छिड़काव अभियान जिले के सिकटी प्रखंड को छोड़कर शेष 08 प्रखंडों में संचालित होगा। सिकटी प्रखंड में बीते 05 सालों से कालाजार का कोई मामला सामने नहीं आया है। लिहाजा सिकटी को कालाजार मुक्त माना जा रहा है। छिड़काव अभियान की सफलता को लेकर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने संबंधित कर्मियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।
जिले के 41 पंचायत के 41 गांवों में होगा छिड़काव
वीडीसीओ राम कुमार ने बताया कि छिड़काव अभियान के तहत जिले के 08 प्रखंड के कुल 41 पंचायत अंतर्गत 41 गांव चिह्नित किये गये हैं। इस क्रम में 77 हजार 805 घरों में कालाजार रोधी दवा का छिड़काव किया जायेगा। इससे जिले की 04 लाख से अधिक की आबादी लाभान्वित होगी। अभियान के क्रम में छिड़काव कर्मी चिह्नित गांवों में घर-घर जाकर दवा का छिड़काव करेंगे। अभियान से पूर्व स्थानीय लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जायेगा। ताकि छिड़काव संबंधी कार्य में स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त किया जा सके।
जिला को कालाजार मुक्त बनाने का प्रयास निरंतर जारी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कालाजार का प्रभाव लगातार सीमित होता जा रहा है। विभागीय पहल व सामूहिक प्रयास का नतीजा है कि जिले में कालाजार के मामले लगातार कम हो रहे हैं। जिले को कालाजार मुक्त बनाने का हमारा प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि कालाजार रोधी दवा के छिड़काव को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। चिह्नित प्रभावित गांवों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप छिड़काव संपन्न कराया जाना है। इसे लेकर कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण भी दिया गया है। संबंधित क्षेत्र की आशा व एएनएम द्वारा छिड़काव से पूर्व इसकी सूचना लोगों को दी जायेगी। इसके अलावा विभिन्न प्रचार माध्यम से लोगों को छिड़काव के महत्व के प्रति जागरूक किया जायेगा। अभियान के अनुश्रवण को लेकर जिला व प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम गठित की गयी है।
रोग की जांच व इलाज का नि:शुल्क इंतजाम
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने फैलता है। दवा के छिड़काव से मक्खी के प्रभाव को बेहद सीमित किया जा सकता है। प्रभावित इलाकों में नियमित अंतराल पर दवा का छिड़काव व जागरूकता संबंधी विभागीय प्रयासों का नतीजा है कि जिले में कालाजार का प्रभाव बेहद सीमित हो चुका है। इसे जड़ से खत्क करने के लिये छिड़काव अभियान की सफलता को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कालाजार संबंधी लक्षण होने पर नजदीकी अस्पताल में तत्काल इलाज जरूरी है। सरकारी अस्पतालों में जांच से लेकर इलाज तक की पूरी व्यवस्था नि:शुल्क होने की जानकारी उन्होंने दी।




















