- स्पीडी ट्रॉयल के तहत आरोपी को सज़ा सुनाई गई
- 03 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया
- जुर्माना की राशि नही देने पर आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास की सज़ा भुगतनी होगी
नज़रिया न्यूज़ (रूबी बिनीत), अररिया।
स्पीडी ट्रॉयल के तहत बिहार में प्रतिबंधित 1161 लीटर अवैध शराब परिवहन करने का मामला प्रमाणित होने पर न्यायमण्डल अररिया के एडीजे सह एक्साइज-01 कोर्ट के स्पेशल जज राजीव रंजन सिंह की अदालत ने जिले के फुलकाहा थाना क्षेत्र के भोरहर गांव के रहनेवाले जयकृष्ण यादव पिता जीवछ यादव को 06 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है।
सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी संजय मिश्रा एवं उत्पाद के अधिकृत अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि आरोपी को कारावास की सज़ा के अलावा 03 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
वही, जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर आरोपी को अलग से 01 वर्ष का सश्रम कारावास की सज़ा भुगताने का आदेश जारी किया गया है।
यह सजा उत्पाद 496/2022 नरपतगंज (बसमतिया) थाना कांड संख्या 67/2022 मे सुनाया गया है।
घटना 12 फरबरी 2022 समय करीब 21:40 बजे गुप्त सूचना के आधार पर बथनाहा 56वी वाहिनी सशस्त्र के सहायक उपनिरीक्षक अनिल कुमार सदल बल के साथ बसमतिमा नरपतगंज रास्ता के समीप पीलर संख्या 195/ पीपी के पास वाहनों की जांच कर रहे थे।
तभी एक पीकअप गाड़ी आया. जिसका पंजीयन संख्या बीआरसीए-2371 था।
पिकअप गाड़ी का जांच करने पर उसमें रखा अवैध शराब कुल मात्रा 1161 लीटर बरामद हुआ।
जो शराब पिकअप गाड़ी से परिवहन किया जा रहा था।
इस मामले में नरपतगंज (बसमतिया) थाना कांड संख्या 67/2022 दिनांक 23 फरबरी 2022 दर्ज किया गया था।
इस मामले में केस आइओ द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया गया।
चार्जशीट उपरांत संज्ञान लिया गया तथा आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के बिन्दु पर आरोपी से पूछे जाने पर उसने कहा था कि उसे थाना के बगल से गिरफ्तार किया गया है। बिल्कुल निर्दोष हूँ।
आरोप गठन (चार्जफ्रेम) के पश्चात कोर्ट मे अभियोजन पक्ष की गवाही प्रारंभ किया गया। जहाँ सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया था।
अभियोजन गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश श्री सिंह ने आरोपी को दोषी पाया।
सज़ा के बिन्दु पर सरकार की ओर से एक्साइज एक्ट के स्पेशल पीपी संजय मिश्रा ने कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की।
जबकि वचाब पक्ष के अधिवक्ता अभय कुमार ने कम से कम सज़ा देने की गुहार लगाई।
दोनो पक्षो की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायधीश श्री सिंह ने आरोपी की सज़ा मुकर्रर की.






















