सिकटी संवाददाता रंजन राज
हरियाणा के महेंद्रगढ़ से दो लोग बिहार के अररिया जिला सिकटी प्रखंड के पररिया गाव शादी करने के लिए पहुंचे। करीब 10 दिनों से वे परड़िया गांव के ग्रामीणों के साथ शादी के लिए लड़की ढूंढने लगे।
काफी खोजबीन के बाद सिकटी थाना क्षेत्र के पहाड़ा चौक कॉलोनी वार्ड संख्या तीन निवासी वार्ड सदस्य विजय सादा के साथ बैंगू मांझी और उनकी पत्नी तारा देवी के पास पहुंचा। लड़की के पिता बैंगु मांझी से उनकी लड़की रितिका की शादी के लिए बातचीत करने लगे विजय सदा ने उनकी बेटी रीतिका की शादी एक अमीर लड़के से कराने की बात कही।
शादी का पूरा खर्च लड़के द्वारा देने की बात कही गई। कालू चौक पड़रिया से कुछ और लोग भी आए और शादी करने की बात कहने लगे। लड़की की मां तारा देवी को वार्ड सदस्य ने भरोसा दिया कि कोई दिक्कत नहीं होगी। इस आश्वासन पर वे तैयार हो गए।
शादी के खर्च के लिए लड़की के पिता को 15 हजार रुपये दिए गए। सारी तैयारी की गई हल्दी,मेहंदी भी लगी, सारे रस्में लड़की के घर पर ही किया गया। सिंदूरदान की बारी आने पर लड़की की मां ने सुंदरनाथ धाम में सिंदूरदान करने की बात कही। तो सभी तैयार हो गए इसके बाद बैंगू मांझी, उनकी बेटी रीतिका, वार्ड सदस्य विजय सदा, अधेड़ दूल्हा राजीव गुप्ता, उसका जीजा सुनील अग्रवाल और कुछ स्थानीय लोग शादी कराने कुर्साकांटा प्रखंड के सुंदरनाथ धाम मंदिर पहुंचे। मंदिर कमिटी ने दोनों पक्षों से पहचान पत्र मांगा। पहचान पत्र दिया भी गया लेकिन जब दो गवाहों को देने की बात कही तो वार्ड सदस्य विजय सादा गवाह देने से इनकार करते हुए सुंदर नाथ धाम मंदिर से चले गए इसके बाद धीरे-धीरे दूल्हे के साथ आए सभी लोग घर चले गए। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने इसकी सूचना कुआडी़ पुलिस को देते हुए लड़की के माता-पिता को अपने साथ रखा।
फिर सुबह कमेटी के माध्यम से लड़का और उनके जीजा को मंदिर बुलाया गया जहां पर दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद शादी की सहमति नहीं बनने पर कुआडी़ पुलिस को बुलाकर कमेटियों ने लड़का और उनके जीजा को कुआडी़ पुलिस को सौंप दिया गया। इधर कुआडी़ थाना अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया की लड़का और उनके जीजा को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है पूछताछ से पता चला है लड़की के माता-पिता अपनी मर्जी से शादी कर रहे थे कोई दबाव नहीं था इसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया
इधर लड़का का जीजा सुनील अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा, दिल्ली में लड़की की कमी होने के कारण लड़को का शादी समय पर नहीं हो पता है। परडीया गांव के कुछ मजदूर हमारे यहां काम करते हैं तो मैं उनसे कहा था कि बिहार में लड़की मिल जाती है तो मैं अपने साले की शादी कराऊंगा। इसी उदय से मैं बिहार के अररिया जिले के पड़रिया गांव पहुंचा। शादी के लिए लड़की मिली बाद में शादी से इनकार कर दिया। और हमें पूछताछ के लिए थाना लाया गया।






















