हवा हवाई बस, धोखे की सवारी,
पैसेंजरों की जान, खतरे में डाल दी यारी।
बस मालिक की लालच, पैसे कमाने की जुनून,
यात्रियों की सुरक्षा, उनकी नहीं सुनी दून।
मैं…….पटना से अररिया का सफर तय किया,
हवा हवाई बस में बैठकर, अपनी जान जोखिम में डाल दी।
बस की इंजन खराब थी, लेकिन बस मालिक ने नहीं सुनी,
पैसेंजरों की जान, खतरे में डाल दी जानी।
किशनगंज से पटना जा रही चंद्रलोक बस की वाक्या है,
शराबी ड्राइवर के हाथों थी, पैसेंजरों ने अपनी जान बचाई।
परिवहन विभाग, सो रहा है क्यों?
बसों की सुरक्षा, उनकी नहीं सुनी।
सावधानी बरतें!
हवा हवाई बस, खतरनाक सफर की कहानी,
पैसेंजरों की जान, जोखिम में डाल दी जानी।
हवा हवाई बस से सफर कर रहे हैं तो हो जाएं सावधान।
मेरा अनुभव, हवा हवाई बस के साथ,
पटना से अररिया का सफर, खतरनाक और हास्यास्पद रहा।
बस मालिक की लालच, पैसे कमाने की जुनून,
पैसेंजरों की जान, खतरे में डाल दी जानी।
बस वाले ने 11 फरवरी को टाइम दिया रात के साढ़े आठ बजे,
बैठाया डेढ़ बजे रात में और बेल गाड़ी की स्पीड में,
हवा हवाई बस ने पैसेंजरों की हवा निकालते हुए,
12 फरवरी के शाम 4 बजे तक पहुंचाया।
सुरक्षा की आवश्यकता
सड़क पर चलने वाली सवारी गाड़ी की जांच करो,
फिटनेस और कागजात की जांच, करोड़ों की राशि वसूलो।
ट्रैफिक भी जाम की समस्याओं से बचेगा,
राहगीरों को हो रही समस्याओं से निजात मिलेगी।
यह अनुभव हमें यह सिखाता है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हमें चाहिए कि हम ऐसे खतरनाक सफरों से बचें और परिवहन विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करें।






















