- सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्याम लाल यादव व सूचक के अधिवक्ता सुरेश राम ने संयुक्त रूप से आरोपी को फाँसी देने की अपील की
नज़रिया न्यूज़, (रूबी विनीत), अररिया।
न्यायमण्डल अररिया के जिला व षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत ने 29 वर्षीय आरोपी युवक सलमान अंसारी पिता मुमताज़ अंसारी जिले के अररिया आर एस थाना क्षेत्र के मोमिन टोला, वार्ड-03 को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है. आरोपी को कारावास की सज़ा के अलावा आरोपी को विभिन्न धाराओं में 40 हज़ार 600 रुपये जुर्माना लगाया है. वही, जुर्माना की राशि जमा नही होने पर आरोपी को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग अतिरिक्त साधारण कारावास की सज़ा भुगतनी होगी.
इसके अलावा विक्टिम कंपनसेशन फण्ड के रूप में 05 लाख रुपए देने का आदेश जारी किया गया है. 02 लाख रुपए में से 02 लाख रुपए पूर्व में पीड़िता को देय है. शेष बचे 03 लाख रुपए पीड़िता के नाम से किसी नेशनालाइज बैंक में फिक्सड डिपॉजिट करने का आदेश जारी किया गया है.
यह आदेश स्पेशल (पॉक्सो) 32/2022 महिला थाना कांड संख्या 52/2022 मे पारित किया गया है.
पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्याम लाल यादव व सूचक के अधिवक्ता सुरेश राम ने संयुक्त रूप से बताया कि घटना 06 जनवरी 2022 की सुबह पौने 01 बजे रात की है. पीड़िता बच्ची मेला देखकर अपने घर आ रही थी. तब आरोपी ने उसे रोककर जबर्दस्ती अपने घर ले गये तथा दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. घटना की जानकारी पीड़िता के द्वारा परिजनों को देने पर इसकी शिकायत की गई. जहाँ आरोपी ने अनुसूचित जाति कहकर गालीगलौज देते हुए अपमानित किया था.
आरोपी के खिलाफ 06 अक्टूबर 2022 की घटना को लेकर महिला थाना कांड संख्या 52/ 2022 दिनांक 06 अक्टूबर 2022 को दर्ज करवाया. इस मामले में केस आइओ द्वारा 30 नवंबर 2022 को चार्जशीट न्यायालय में समर्पित किया. इसके बाद न्यायालय के न्यायधीश ने दिनांक 03 फरबरी 2023 को आरोप गठन किया. आरोप गठन के विंदू पर आरोपी ने अपने आप को बेकसूर बताया.
बताया ग्रामीण राजनीति के तहत फंसाया गया है. आरोप गठन के बाद न्यायालय में सरकार की ओर से साक्ष्य प्रारंभ किया गया. जहाँ सभी साक्षियो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया. साक्षियो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायधीश अजय कुमार ने आरोपी सलमान अंसारी को आईपीसी की धारा 376 एबी, 341, 323 व एससी/एसटी एक्ट की धारा 3 (2)(5) में दोषी पाया. सज़ा के बिन्दू पर सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्याम लाल यादव ने आरोपी को फाँसी की सज़ा देने की प्रार्थना की.
जबकि बचाव पक्ष से लीगल एड डिफ़ेंस कॉउंसिल (एलएडीसी) के अधिवक्ता दुखमोचन यादव ने कम से कम सज़ा देने की गुहार लगायी.






















