उनके क्षेत्र से तस्करों की गाड़ियां पकड़ी जाती हैं
गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के बाद उन थानेदारों को नापेंगे जो गाड़ियां पकड़ने में नाकाम रहे
अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर वाले जिलों के पुलिस कप्तान को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखेंगे
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो नजरिया न्यूज, 10अगस्त।
तस्करी की गाड़ियां जिन-जन रास्तों से गुजरेंगी, वहां के थानेदार नपेंगे। भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए पुलिस अधिकारी छद्म वेश में इनपुट जुटा रहे हैं। अफसरों की सख्ती के कारण थानेदार भी गुडवर्क करने के फिराक में हैं। रणनीति भ्रष्टाचार को शून्य के स्तर ले जाने की है। यह बात मीडिया से वाराणसी परिश्रेत्र के डीआईजी ओपी सिंह ने कही। जानकारी के मुताबिक डीआईजी ने मीडिया से बातचीत ताकीद किया:
पुलिस अधिकारी तस्करों के पकड़े जाने पर उनसे जानेंगे कि किन-किन जिलों और थाना क्षेत्रों से होते पहुंचे हैं। सच्चाई जानने के बाद संबंधी थानों के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि बलिया में एडीजी की छापेमारी में वसूली का खेल उजागर होने के बाद वाराणसी परिक्षेत्र में कार्रवाई की मुहिम छिड़ी है।
वाराणसी परिक्षेत्र के चंदौली और गाजीपुर की सीमा बिहार से जुड़ती है। बिहार में शराब पर पाबंदी के कारण हरियाणा और दिल्ली की शराब कई जिलों के रास्ते बिहार पहुंचती है। पशुओं से भरी गाड़ियां बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल तक पहुंचती हैं।





















