-एक करोड़ 30 लाख रुपये की नकदी ईडी ने की बरामद
अरुण सिंह, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, 09अगस्त।
इंदौर नगर निगम में 125 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। ED ने सोमवार को घोटाले के मास्टर माइंड इंजीनियर अभय राठौर और संयुक्त संचालक (ऑडिट) अनिल कुमार गर्ग के ठिकानों समेत 12 जगह छापे मारे हैं। ईडी ने कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 30 लाख रुपए की नकदी बरामद की है। इंदौर मीडिया के मुताबिक
1 करोड़ 30 लाख रुपये तथा 3 करोड़ की एफडीआर 12 ठिकानों पर रेड करके ईडी ने बरामद की।
ईडी ने सोमवार को घोटाले के मास्टर माइंड इंजीनियर अभय राठौर और संयुक्त संचालक (ऑडिट) अनिल कुमार गर्ग के ठिकानों समेत 12 जगह छापे मारे हैं। मीडिया में रिपोर्ट है कि
ईडी टीम ने कार्रवाई की शुरुआत अनिल कुमार गर्ग के निवास 184-ए महालक्ष्मी नगर ‘ओम सुख सांई एवेन्यू’ से की। परिवार के लोग टीम को देखकर घबरा गए और वे जानकारी देने से बचते रहे। इस दौरान घर पर सिर्फ महिलाएं ही थीं। अभय राठौर फिलहाल जेल में हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम के फर्जी बिल घोटाला मामले में पुलिस ने करीब 20 आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए थे। इनमें ठेकेदारों के अलावा, निगम अधिकारी, कर्मचारी शामिल हैं।
मीडिया के अनुसार नगर निगम में जो काम हुए ही नहीं, ठेकेदारों ने अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से उन कामों के दस्तावेज और बिल तैयार कर पेमेंट ले लिया। ऐसे एक नहीं कई मामले हैं। ये भी साल 2022 के पहले के हैं।
इंदौर मीडिया के अध्ययन के मुताबिक मास्टर माइंड इंजीनियर अभय राठौर (अभी जेल में है) ने नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियरों के नाम से फर्जी फाइलें बनाई। फिर इसमें फर्जी वर्कऑर्डर हुए। फिर एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों और सुपरवाइजिंग इंजीनियरों के साइन हुए। इसी कड़ी में अपर कमिश्नर के भी फर्जी साइन हुए। फिर बिल अकाउंट विभाग में लगाए गए और यहां भी फर्जी तरीके से ही पेमेंट हो गया। यह पूरा काम ठेकेदारों की मिलीभगत से हुआ था। उन्होंने ड्रेनेज के कामों को लेकर फर्जी बिल दिए थे जबकि काम ही नहीं हुए थे।
30 करोड़ रु. का भुगतान निगम के खाते से:
पंकज पांडे (डीसीपी, जोन-3) ने मीडिया को बताया कि अब तक 58 फाइलों की जांच में 60 करोड़ का घपला निगम अधिकारियों-ठेकेदारों ने किया है। इनमें से 30 करोड़ निगम के खाते से भुगतान हो चुके हैं। अभी कई फाइलों की जांच चल रही है। राठौर को रिमांड पर लेने के बाद और खुलासे होने की उम्मीद है।
मामले में पुलिस अब तक राठौर सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से ठेकेदार मो. साजिद, रेणु वडेरा, सब इंजीनियर उदय सिसौदिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर चेतन भदौरिया और कर्मचारी मुरलीधर जेल जा चुके हैं।





















