दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी, नजरिया न्यूज,31जुलाई।
रोग का निदान कारण जानने के बाद बड़े -बड़े डॉक्टर करते हैं। देशवासियों में 90प्रतिशत क्यों गरीब हैं? इसका कारण क्या सरकार है। इस तरफ संपूर्ण देशवासियों का ध्यान राहुल गांधी का वह बयान ला दिया है। जिस बयान के बाद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर हेल्थ इंश्योरेंस पर लगाए जीएसटी को कठघरे में खड़ा किया है।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था, “चक्रव्यूह का दूसरा नाम होता है पद्मव्यूह जो कमल के फूल के आकार में होता है।21वीं सदी में एक नया चक्रव्यूह तैयार हुआ है और वो भी कमल के आकार में है, उसका चिन्ह प्रधानमंत्री जी अपने सीने पर लगाकर चलते हैं.”।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पर सदन में जारी चर्चा में भाग लिया।
चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक, अग्निवीर, किसानों के एमएसपी की मांग के साथ-साथ जातिगत जनगणना कराने और लोकसभा में उसे पारित कराने का संकल्प लिया।
इस दौरान राहुल गांधी ने महाभारत युद्ध के चक्रव्यूह संरचना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें डर, हिंसा होती है और अभिमन्यु को फंसाकर छह लोगों ने मारा। उन्होंने चक्रव्यूह को पद्मव्यूह बताते हुए कहा कि ये एक उल्टे कमल की तरह होता है।
उनके इस बयान पर बीजेपी ने उनकी निंदा की है। बीजेपी ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर लिखा, “जिस कमल फूल को ब्रह्मा जी, लक्ष्मी जी और सरस्वती जी ने अपना आसन बनाया। पवित्रता के प्रतीक उसी कमल फूल को हिंसक बताकर राहुल गांधी ने एक बार फिर हिंदू धर्म का अपमान किया।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के छह लोगों का नाम लेते हुए उन्हें ही देश के 80 प्रतिशत लोगों को गरीबी के चक्रव्यूह में घेरकर रखने का खुलासा करते हुए कहा:
महाभारत काल में जो अभिमन्यु के साथ किया गया था वही हिंदुस्तान के साथ आज किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा:
हिंदुस्तान के युवाओं, किसानों, माताओं-पिताओं, छोटे व्यापारियों के साथ अभिमन्यु जैसा व्यवहार किया जा रहा है। अभिमन्यु को छह लोगों ने मारा था। आज भी चक्रव्यूह के बीच में छह लोग हैं। चक्रव्यूह को नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत जी, अजित डोभाल जी, अंबानी और अडानी कंट्रोल कर रहे हैं।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी के भाषण की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें नियमों का नहीं पता है।
उन्होंने कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने जिस तरह से लोकसभा स्पीकर पर अटैक किया और नियमों से बाहर जाकर बात की है।मैं उसका खंडन करता हूं. लोकसभा का विपक्ष का नेता बहुत बड़ी संवैधानिक ज़िम्मेदारी होती है. ज़िम्मेदारी भरे पद पर बैठकर ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान देना बहुत ग़लत बात है.”।
“सदन नियम से चलता है और स्पीकर कस्टोडियन ऑफ़ हाउस होता है। आज बार-बार राहुल गांधी जी ने स्पीकर को ही अटैक करना शुरू किया।बजट की चर्चा में बजट के बारे में नहीं बात करके अनाप-शनाप बातें कर रहे थे। मैं ये समझता हूं कि संसद के अंदर 140 करोड़ जनता के प्रतिनिधि लोकसभा में बैठते हैं और लोकसभा की कार्यवाही परंपराओं और नियमों से चलती है.”।
“राहुल गांधी जी को बार-बार याद दिलाया गया है कि जो भी आप बात करें नियमों से करें. लेकिन नियम को ताक पर रखकर अनाप शनाप बातें की हैं। सदन, संविधान और देश से ऊपर कोई नहीं हो सकता है. राहुल गांधी जी ने अपने पद की गरिमा का ख़याल भी नहीं रखा है। फिलहाल राहुल गांधी अभिमन्यु के माध्यम से 80 प्रतिशत देशवासियों की परेशानियों को उठाकर नेता प्रतिपक्ष के दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया है।
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