– बगहा 02 के दलित इलाकों में घर-घर हो रहा है ओआरएस का वितरण
बेतिया, 31 जुलाई
बच्चों में दस्त की रोकथाम को लेकर “ओआरएस” वितरण के साथ ही स्वच्छता का संदेश दे रहीं है पीएचसी बगहा की आशा समराजी देवी। समराजी देवी ने बताया कि बरसात के समय में डायरिया का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इस मौसम में देखा जाता है की गंदे जल और भोजन ग्रहण करने की वजह से बार-बार या दिन में पांच या इससे भी अधिक बार मल त्याग करने के लिए जाना पड़ता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। कभी-कभी यह गंभीर हो जाता है, जिससे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। इससे बचाव हेतु लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अपने बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखें। बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु स्टॉप डायरिया प्रोग्राम चल रहा है जिसके तहत पीएचसी बगहा 02 के ग्रामीण कस्बों और दलित बस्तियों में बच्चों के माता-पिता को “ओआरएस” पाउडर का वितरण कर उन्हें डायरिया से बचाव हेतु घर का स्वच्छ जल पीने, गंदगी से बचने का संदेश दे रहीं है।
डायरिया से बचाव को सावधानी जरूरी:
आशा समराजी देवी ने बताया कि इस मौसम में खाने-पीने की चीजों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करना चाहिए। डायरिया होने पर पानी की कमी न हो इसके लिए ओआरएस का घोल लगातार पीते रहना चाहिए। पानी उबाल कर पीना चाहिए। शौच के बाद व भोजन के पहले साबुन से ठीक तरह से हाथ धोना चाहिए। बासी भोजन नहीं करना चाहिए।
आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा फैलाई जा रही है जागरूकता:
पीएचसी बगहा 02 के बीसीएम अनिल कुमार ने बताया कि आशाओं व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों को ओआरएस के घोल बनाने एवं इसके उपयोग की विधि, इसके सेवन लाभ के साथ ही परिवार के सदस्यों को साफ-सफाई तथा हाथ धोने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है ताकि डायरिया पर रोक लग सके। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में होने वाले मौत का 13 प्रतिशत मौत डायरिया के कारण होती है तथा इनमें से अधिकांश मौतें ग्रीष्म और मानसून के मौसम में होती हैं। इसे देखते हुए जिले में 23 जुलाई से 22 सितंबर तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े का आयोजन किया गया है।
इन लक्षणों को नहीं करें नजरअंदाज:
* बच्चा ज्यादा बीमार लग रहा हो
* सुस्त या बेहोश हो जा रहा हो
* पानी जैसा लगातार दस्त हो रहा हो
* बार-बार उल्टी हो रहा हो
* अत्यधिक प्यास लगती हो
* पानी नहीं पी पा रहा हो
* बुखार आता हो
* मल में खून आ रहा हो





















