अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो नजरिया न्यूज, 24जुलाई।
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में शिकायत मिलने पर महाप्रबंधक जलकल विजय नारायण मौर्य का तबादला कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक जनप्रतिनिधियों की ओर से शहर में सीवर ओवरफ्लो और दूषित जलापूर्ति की शिकायत के बाद जीएम जलकल को तबादला कर दिया गया है। कार्रवाई को लेकर बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जाते ही शासन ने नोटिस देकर जवाब मांगा और कुछ देर बाद महाप्रबंधक को वाराणसी से हटा भी दिया। सीएम की नाराजगी के बाद उन्हें गाजियाबाद भेज दिया गया है।
सीवर ओवर फ्लो पर सीएम ने दिखाई सख्ती
गंजारी में निर्माणाधीन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित कराए जाने हेतु संबंधित विभाग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देशित किया। बैठक के दौरान बड़ागांव बाजार में विगत दो माह से पंप खराब होने से पेयजलापूर्ति बाधित होने की शिकायत पर तत्काल निस्तारण कराए जाने के साथ ही संबंधित विभाग के विरूद्ध जिम्मेदारी भी तय किए जाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि शहर में कही भी सीवर ओवरफ्लो नही होना चाहिए और कही भी इसकी शिकायत मिले, तो तुरन्त समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सीएम ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। विद्युत विभाग के कतिपय कर्मियों द्वारा फोन न उठाए जाने की शिकायत पर ऐसे जेई, एई, एसडीओ को चिन्हित कर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी जो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है, उनके मार्ग निर्देशन में अब तक लगभग 40 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य हो चुके हैं और लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाएं निर्माणधीन है। कहा कि परियोजनाओ का डीपीआर बनाते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझाव अवश्य लिए जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजनाओ के मॉनिटरिंग हेतु एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। जो परियोजनाओ में गति लाए जाने के साथ ही उसमे गुणवत्ता भी सुनिश्चित कराएंगे।





















