= हर जिले में कल कारखाने लगाने की योजना से मोदी सरकार पल्ला झाड़ रही है
= क्या देश का बेरोज़गार युवा और स्किल इंडिया चलाने एनजीओ अयोग्य है
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज 24जुलाई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज, 22 जुलाई 2024 को संसद में बजट सत्र के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कल यानी 23 जुलाई को रिकॉर्ड सातवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर चुकी हैं। बजट और आर्थिक सर्वेक्षण पर टिप्पणी का दौर जारी है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्य पर विशेषज्ञ भी असंतोष जाहिर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर विशेषज्ञ और बेरोजगार तथा किसान सवाल कर रहे हैं:
त्वरित टिप्पणी -किसान सम्मान निधि 8हजार रुपये क्यों नहीं की गई
=किसान सम्मान निधि पांच वर्ष बाद भी 2019 की दर पर क्यों स्थित है। इसकी चर्चा आर्थिक सर्वेक्षण में होने के बावजूद किसान निधि में 2000 रुपये की वृद्धि क्यों नहीं की गई।
हर जिले में कल कारखाने लगाने की योजना से मोदी सरकार पल्ला क्यों झाड़ रही है? क्या देश का बेरोज़गार युवा और स्किल इंडिया चलाने एनजीओ अयोग्य है? यह क्यों कहा जा रहा है?
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उल्लेखनीय 22 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 पेश किया गया, वहीं 2 बजे राज्य सभा में इसे पेश किया गया. इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन दोपहर 2:30 बजे आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
सर्वे के अनुसार लगातार भू-राजनीतिक तनावों और स्थिर मुद्रास्फीति के बावजूद भारत का बाह्य क्षेत्र मजबूत (External sector) रहा है। कृषि क्षेत्र में R&D में निवेश की मांग की गयी है।वहीं पीएम किसान योजना की किश्त राशि बढ़ाकर 8 हजार किए जाने की मांग आर्थिक सर्वे में की गयी है। फिलहाल किसान सम्मान निधि की राशि में वृद्धि नहीं की गई है। हर जिले में कल कारखाने लगाकर बेरोज़गारी दूर करने और पलायन रोकने की बजट में चर्चा नहीं है। ऐसा इसलिए है कि टाप वन पर्सेंट उद्योगपतियों की नीतियां हर जिले में कल कारखाने लग जाने से प्रभावित होंगी। शायद इसीलिए बेरोज़गार युवाओं को अयोग्य घोषित कर दिया जा रहा है। स्किल इंडिया को अयोग्य घोषित किया जा रहा है। ऐसी टिप्पणी सोशल मीडिया पर बड़े -बड़ए पत्रकार और विशेषज्ञ कर रहे हैं।
वित्तीय वर्ष किसे कहते हैं:
वित्तीय वर्ष (Financial Year) की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है और यह अगले साल 31 मार्च तक चलता है.
बजट अनुमान (Budget Estimates): वित्तीय वर्ष में सरकार ने जो कमाया और खर्च किया उसे बजट अनुमान (Budget Estimates) कहा जाता है.
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): राजकोषीय घाटा उस समय उपयोग किया जाता है जब सरकार की कमाई उसके खर्च से कम होती है.
राजस्व घाटा (Revenue Deficit): राजस्व घाटा का मतलब होता है कि सरकार की कमाई अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नहीं हुई है.
व्यापार घाटा (Trade Deficit): व्यापार घाटा का अर्थ होता है कि किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक है.
विनिवेश (Disinvestment): जब सरकार सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचती है, तो इस प्रक्रिया को विनिवेश कहा जाता है। फिलहाल 23जुलाई को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा रहे निवेषकों को निराश किया। शेयर बाजार लुढ़क गया। इस पर सोशल मीडिया में गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
अर्थशास्त्रियों की मानें तो केंद्र सरकार के बेहद नजदीक दो
उद्योगपतियों के डर से देश में नये उद्योगों में निवेश नहीं हो रहा है। फिर भी सेवा क्षेत्र के बदौलत रोजगार सृजन की उम्मीद की जा सकती है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की अयोग्यता को उनकी बेरोज़गारी के लिए जिम्मेवार माना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से लोकसभा और राज्यसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आर्थिक सर्वेक्षण हमारी अर्थव्यवस्था की मौजूदा ताकत को उजागर करता है।
पीएम ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण हमारी सरकार की ओर से लाए गए विभिन्न सुधारों के परिणामों को रेखांकित करता है।
पीएम ने एक्स पर कहा कि इस आर्थिक सर्वेक्षण से देश में आगे के विकास और प्रगति के क्षेत्रों की भी पहचान होती है। पीएम ने आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।





















