नजरिया न्यूज बारसोई कटिहार
भू धारी के नाम जमीन करने को लेकर अंचल प्रशासन द्वारा प्रत्येक पंचायत में मंगल, बुध और गुरूवार को तीन दिवसीय शिविर लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि नए कानून के लागू हो जाने के बाद से जमीन की खरीद बिक्री का कार्य ठप्प पर गया है। निबंधन कार्यालय में जहां भीड़ के चलते पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां आज सन्नाटा है। तथा भूमिधारी जमीन बेचना चाहता है पर जमीन बेच नहीं पा रहा है। इन्हीं समस्याओं के निदान के लिए सरकार के द्वारा पंचायत स्तर पर शिविर लगाया जा रहा है ताकि जिनकी जमीन है। उनके नाम हो सके। शिविर में हल्का कर्मचारी की उपस्थिति में वंशावली बनाने के बाद सभी हिस्सेदारों की सहमति से आपसी लिखित बंटवारा कर जमीन की जमाबंदी खुलवायी जाएगी।उक्त जानकारी देते हुए नव पदास्थापित अंचलाधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि ऐसा ही निर्देश प्रदेश से और जिला मुख्यालय से मिला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का वंशावली और बटवारा नामा पहले से बना हुआ है वैसे लोगों का काम तुरंत हो जाएगा। उन्होंन कहा कि जिनको जमीन अपने नाम करनी है वैसे भूमिधारी जमीन के कागजात एवं वंशावली और बटवारा नामा तथा आधार कार्ड के साथ शिविर में पहुंचे उनके कागजात के जांच और मिलान करने के बाद उनके हिस्से की जमीन उनके नाम करते हुए जमाबंदी खुलवाई जाएगी उन्हें उसके बाद उस जमीन को खरीदने और बेचने के लिए वह स्वतंत्र होगा। ज्ञात हो कि जब से बिहार सरकार द्वारा नए कानून की घोषणा की गई है तब से खरीद बिक्री का काम बिल्कुल ठप्प पर गया है। बिहार सरकार के राजस्व का सबसे बड़ा जरिया जमीन की खरीद बिक्री ही है। तथा उसमें भी कमी आ जाने से एक तरफ जहां सरकार को परेशानी हो गई है वहीं दूसरी तरफ भूमि धारी भी काफी परेशान हाल में है।




















