नजरिया न्यूज बारसोई कटिहार।
बारसोई रेलवे स्टेशन के निकट दयचन रेल गेट के पास बनने वाले नए रोड ओवर ब्रिज के शिलान्यास समारोह के अवसर पर स्कॉटिश पब्लिक स्कूल बारसोई के छोटे-छोटे स्कूली बच्चियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। बता दें की भारतीय रेल के द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा वर्चुअल तरीके से 1500 से अधिक रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडरपास का शिलान्यास किया गया। जिसमें बारसोई के दयचन गेट भी शामिल है। इस अवसर पर विधायक महबूब आलम मुख्य अतिथि के तौर पर उक्त कार्यक्रम में उपस्थित हुए। तथा उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से हो, स्टेशन की महत्व की दृष्टि से हो या, फिर तकनीकी दृष्टि से हर दृष्टि से बारसोई में लंबी दूरी की सभी ट्रेनों का ठहराव होना अनिवार्य है। उन्होंने मंच के माध्यम से आह्वान करते हुए कहा कि हम लोग बारसोई होकर चलने वाली सभी ट्रेनों के ठहराव की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि बारसोई तीन तरफ से बंगाल से घिरा हुआ है। और आसपास के बंगाल के लोगों के लिए बारसोई सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन है। इतना ही नहीं बायसी, पूर्णिया के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के हरिशचंद्रपुर, चांचल, रायगंज, कलियागंज तथा बांग्लादेश की सीमा पर बसे राधिकापुर, दालकोला तथा आसपास के बहुत से शहर और कसवे हैं जहां लाखों की आबादी बसती है। इन्हीं आबादियों के लिए यहां सभी ट्रेनों का ठहराव अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि तकनीकी दृष्टि से भी बारसोई में सभी ट्रेनों की स्पीड काफी घट जाती है। क्योंकि यहां जो पटरी की गोलाई है वह अर्द्ध चंद्राकार है। तथा यहां से चलने वाली ट्रेनें सीधे पूर्व दिशा से उत्तर दिशा की ओर घूम कर हो जाती है।
इसके लिए भी सभी ट्रेनों को अपनी रफ्तार कम करनी पड़ती है अगर रफ्तार कम हुई तो रुकना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि वैसे भी बारसोई वंदे भारत रेल परियोजना के तहत चुना गया है। तथा यहां प्रत्येक दिन की आमदनी भी इतनी है कि हर ट्रेन यहां रूक सके। वहीं कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम और नित्य संगीत पेश करने वाले स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अमल गोस्वामी, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार राय, पिन्टु यादव, जदयू के मामून रशीद, कटिहार रेलवे के आर यू बी के सदस्य मिलन दुबे, तनवीर आलम, गोपाल भट्टाचार्य, मुखिया गोपाल रविदास, पूर्व मुखिया राजेंद्र ठाकुर, सुदीप साहा, रेलवे के वरीय पदाधिकारी गण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






















