नजरिया न्यूज़,
नरपतगंज/अररिया। जिले में बिना प्रस्वीकृति के संचालित निजी विद्यालयों और मदरसों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। अब सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करने और सक्षम प्राधिकार से प्रस्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही निजी विद्यालयों का संचालन किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालय संचालकों पर एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान है। इसके बावजूद विद्यालय संचालन जारी रखने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक द्वारा पत्रांक 1138, दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देश के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लंबित आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निष्पादन करने तथा बिना प्रस्वीकृति संचालित विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
ई-संबंधन पोर्टल पर आवेदन जरूरी
निजी विद्यालयों को प्रस्वीकृति प्राप्त करने के लिए ई-संबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य किया गया है। निदेशक ने निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों के आवेदन तीन माह पूर्व पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं, उनके मामलों में एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आवेदन के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले विद्यालयों को ही प्रस्वीकृति दी जाएगी।
565 विद्यालयों को मिली है प्रस्वीकृति
विभागीय जानकारी के अनुसार अररिया जिले में 565 निजी विद्यालयों को प्रस्वीकृति प्राप्त है। इनमें कई विद्यालयों का संचालन बंद हो चुका है, जबकि कुछ विद्यालयों की प्रस्वीकृति मानक पूरा नहीं करने के कारण रद्द की जा चुकी है। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में ऐसे निजी विद्यालय और मदरसे संचालित होने की बात सामने आ रही है, जिनके पास प्रस्वीकृति प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे संस्थानों को चिह्नित करने के लिए विभागीय स्तर पर पड़ताल की जा रही है।
भौतिक सत्यापन के बाद होगी कार्रवाई
निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी निजी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कराने, लंबित मामलों का समय पर निष्पादन करने तथा बिना प्रस्वीकृति विद्यालय संचालित करने वाले संचालकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही कार्रवाई और जांच से संबंधित प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
क्या कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी साहेब आलम ने बताया कि जिले में बिना प्रस्वीकृति के संचालित विद्यालयों की सही संख्या फिलहाल उपलब्ध नहीं है। जिन विद्यालयों ने प्रस्वीकृति के लिए आवेदन किया है, उनकी जांच कराई जा रही है। वहीं, जिन विद्यालयों की प्रस्वीकृति समाप्त हो चुकी है और इसके बावजूद वे संचालित हो रहे हैं, उनके संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






















