नशामुक्त बिहार अभियान के तहत जीविका दीदियों को किया गया जागरूक
– बीके नेहा और बीके दया ने नशे के दुष्परिणामों की दी जानकारी
– 20 नवंबर तक चलेगा जागरूकता अभियान
नजरिया न्यूज़
भरगामा/अररिया।
बिहार को नशामुक्त बनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बिहार सरकार के निर्देशानुसार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, अररिया की ओर से भरगामा प्रखंड के सिरसिया-हनुमानगंज पंचायत स्थित लक्ष्मीबाई सीएलएफ केंद्र में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायत की बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया।
इस दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था की बीके नेहा एवं बीके दया ने महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आपसी संबंधों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नशे की लत के कारण कई परिवारों में घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है। इसलिए नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जीविका दीदियों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। साथ ही गांव-गांव तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाकर सामाजिक बदलाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि इस अभियान का विधिवत उद्घाटन 27 अक्टूबर को किया गया था, जो आगामी 20 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत 1 नवंबर से 7 नवंबर तक जीविका दीदियों के साथ सत्संग की शैली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान नशे से होने वाले नुकसान, सकारात्मक जीवनशैली और नशामुक्त परिवार के महत्व पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सभी प्रतिभागियों को नशा नहीं करने और दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई जाएगी।
कार्यक्रम में जीविका के बीपीएम मृत्युंजय ज्ञानी, सीसी नीलू मुर्मू एवं लक्ष्मीबाई सीएलएफ की अध्यक्ष रंजन कुमारी सहित पंचायत की जीविका दीदियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को नशामुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।






















