हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण मे जीने, सीखने औऱ आगे बढ़ने का अधिकार है;न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी राकेश रंजन
**सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
समस्तीपुर/दलसिंहसराय
(राज कुमार सिंह)
बच्चों के सुरक्षित, संरक्षित एवं भयमुक्त भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार अनुमंडल विधिक सेवा समिति, दलसिंहसराय के सौजन्य से शुक्रवार को लोटस वैली स्कूल, दलसिंहसराय के परिसर में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत पॉक्सो एक्ट (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम), 2012 पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, लैंगिक अपराधों से बचाव एवं कानूनी संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राकेश रंजन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण मे जीने, सीखने औऱ आगे बढ़ने का अधिकार है।” उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और संरक्षण केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में जीने, सीखने और आगे बढ़ने का अधिकार है। इसके लिए बच्चों को जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा, आत्मरक्षा तथा ऑनलाइन फ्रॉड एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बच्चों को निर्भीक होकर अपनी बात रखने की सीख देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की गलत हरकत, शोषण या असहज स्थिति का सामना करने पर डरें नहीं, चुप न रहें और इसकी जानकारी तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को दें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि उनकी चुप्पी अपराध करने वालों का मनोबल बढ़ा सकती है, इसलिए जागरूकता और समय पर शिकायत करना बेहद आवश्यक है।
वहीं, पैनल अधिवक्ता प्रभात कुमार मिश्र ने पॉक्सो एक्ट के कानूनी प्रावधानों एवं बच्चों को प्राप्त विधिक अधिकारों की जानकारी देते हुए निःशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया और विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कानून बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
शिवानी नंदनी, उपनिरीक्षक, दलसिंहसराय ने भी बच्चों को पोक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी के साथ कुछ गलत हरकत होती हैँ तो उसकी जानकारी आप टोल फ्री नंबर के साथ नजदीकी पुलिस स्टेशन मे दे। पुलिस हर समय आपके अधिकारों के रक्षा के लिए तैयार हैँ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी बाल सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं। शिविर का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने के साथ-साथ उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण और अपराध के विरुद्ध सजग एवं मुखर बनाना रहा।
मौके पर विद्यालय के निदेशक दिनेश कुमार सिंह, चेयरमैन राजीव रंजन, सचिव मनीष रंजन, प्राचार्य रुपेश रंजन, उप प्राचार्य प्रीतिका तावांग, रंधीर, संजय शरण, लालबाबू, रूपम सिंह, गौरी कुमारी, स्मिता सहित विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। वहीं, विधिक सेवा कर्मी गंगेश झा, पारा विधिक स्वयंसेविका रानी कुमारी, शोएब रब्बानी, न्यायालय कर्मी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार है तथा सुरक्षित बचपन के निर्माण में हम सभी की समान भागीदारी आवश्यक है।

















