कालरी की जमीन पर तीन ताला आलीशान निर्माण, बिना परमिशन धड़ल्ले से चल रहा काम बिरसिहपुर सबेरिया और सुरक्षा विभाग बने मूक दर्शक
बिरसिंहपुर –पाली नगर में शासकीय कालरी की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जा कर आलीशान मकान और दुकानों का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तीन तल्ला तक बन चुके इन भवनों के लिए न तो नगर पालिका से कोई अनुमति ली गई है और न ही कालरी विभाग से एनओसी प्राप्त की गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य दिन-रात जारी है।
सूत्रों के अनुसार, पाली क्षेत्र में काली की कीमती जमीनों को निशाना बनाकर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पक्के मकान और व्यावसायिक दुकानें तैयार की जा रही हैं। इन निर्माणों में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका का अमला रोजाना इन्हीं रास्तों से गुजरता है, लेकिन आज तक किसी भी निर्माण को नोटिस तक नहीं दिया गया।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर यह अवैध निर्माण किसके संरक्षण में हो रहा है? क्या राजस्व विभाग, नगर पालिका और कालरी की मिलीभगत से शासकीय जमीन को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है? लोगों का कहना है कि यदि कोई आम नागरिक बिना परमिशन एक कमरा भी बनाता है तो तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन यहां तीन-तीन मंजिला इमारतें खड़ी हो रही हैं और जिम्मेदार विभाग मौन हैं।
इस संबंध में जब कालरी विभाग के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी भी कैमरे के सामने आने से बचते नजर आए।
नागरिकों ने जिला कलेक्टर उमरिया से मांग की है कि कालरी की जमीनों पर हो रहे अवैध निर्माणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा शासकीय जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
कालरी की जमीन पर तीन ताला आलीशान निर्माण, बिना परमिशन धड़ल्ले से चल रहा का
बिरसिंहपुर –पाली नगर में शासकीय कालरी की खाली पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जा कर आलीशान मकान और दुकानों का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तीन तल्ला तक बन चुके इन भवनों के लिए न तो नगर पालिका से कोई अनुमति ली गई है और न ही कालरी विभाग से एनओसी प्राप्त की गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य दिन-रात जारी है।
सूत्रों के अनुसार, पाली क्षेत्र में काली की कीमती जमीनों को निशाना बनाकर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पक्के मकान और व्यावसायिक दुकानें तैयार की जा रही हैं। इन निर्माणों में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका का अमला रोजाना इन्हीं रास्तों से गुजरता है, लेकिन आज तक किसी भी निर्माण को नोटिस तक नहीं दिया गया।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर यह अवैध निर्माण किसके संरक्षण में हो रहा है? क्या राजस्व विभाग, नगर पालिका और कालरी की मिलीभगत से शासकीय जमीन को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है? लोगों का कहना है कि यदि कोई आम नागरिक बिना परमिशन एक कमरा भी बनाता है तो तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन यहां तीन-तीन मंजिला इमारतें खड़ी हो रही हैं और जिम्मेदार विभाग मौन हैं।
इस संबंध में जब कालरी विभाग के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी भी कैमरे के सामने आने से बचते नजर आए।
नागरिकों ने जिला कलेक्टर उमरिया से मांग की है कि कालरी की जमीनों पर हो रहे अवैध निर्माणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा शासकीय जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।















