- गुप्त सूचना पर नरपतगंज से दंपती गिरफ्तार, घायल अवस्था में मिले दोनों।
- सजीरा के बयान से जांच को मिली नई दिशा
धान के खेत से जला शव और बांसबाड़ी से आधा बोरा आलूबम बरामद, 20 लीटर के जार में भी मिले बम
नजरिया न्यूज़, भरगामा (अररिया)।
भरगामा थाना क्षेत्र के मुस्लिम टोला वार्ड संख्या 8 में शुक्रवार देर शाम हुए भीषण विस्फोट के मामले में तीसरे दिन रविवार को पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार, गिरफ्तार महिला सजीरा खातून के स्वीकारोक्ति बयान में विस्फोट की घटना में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत तथा चार लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए आगे की जांच कर रही है।
इधर, घटना के तीसरे दिन पुलिस ने घटनास्थल से करीब 200 मीटर पश्चिम-दक्षिण दिशा में धान के खेत से एक पूरी तरह जला हुआ शव बरामद किया। शव मिलने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस के अनुसार शव की पहचान अभी नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में शव के महिला का होने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि पहचान और पोस्टमार्टम के बाद ही होगी।
शव की तलाश के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक बांस के बागान से पुलिस को आधा बोरा आलूबम तथा 20 लीटर के प्लास्टिक जार में रखे बम भी मिले। पुलिस ने सभी विस्फोटक सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इससे आशंका और गहरा गई है कि घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर पटाखा निर्माण अथवा विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया जा रहा था।
गुप्त सूचना पर नरपतगंज में छापेमारी, घायल हालत में मिले दंपती
विस्फोट के बाद से फरार चल रहे लोगों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान भरगामा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि घटना से जुड़े दो लोग नरपतगंज थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार और एसआईटी की टीम ने नरपतगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की।
पुलिस ने वहां से छातापुर निवासी मो. इसराफिल और उसकी पत्नी सजीरा खातून को घायल अवस्था में बरामद किया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार दोनों मो. अख्तर के घर में रहकर पटाखा निर्माण के काम से जुड़े थे और विस्फोट के बाद घटनास्थल से निकलकर रिश्तेदार के घर चले गए थे।
पूछताछ के दौरान सजीरा खातून के बयान को पुलिस जांच में अहम कड़ी मान रही है।
एसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार, उसके बयान में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत तथा चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बयान में बताए गए मृतकों और घायलों की पहचान तथा उनके संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है।
शव और पटाखे दूर छिपाने से उठे कई सवाल
विस्फोट के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि इतनी तीव्रता के धमाके में यदि केवल मकान क्षतिग्रस्त हुआ है तो घटनास्थल पर मृतकों या गंभीर रूप से घायलों का कोई स्पष्ट सुराग क्यों नहीं मिला। रविवार को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत से जला हुआ शव मिलने और आसपास से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद जांच की दिशा बदल गई है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद शव का संबंध शुक्रवार की घटना से है या नहीं और यदि है तो शव को घटनास्थल से इतनी दूर कैसे पहुंचाया गया। इसी तरह बांसबाड़ी से मिले पटाखों और बमों को वहां किसने और कब छिपाया, इसकी भी जांच की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई घरों में कंपन महसूस हुआ था। मो. अख्तर का मकान भी बुरी तरह ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों के बीच घटना में हताहतों की संख्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत तथा चार लोगों के घायल होने की बात सजीरा के बयान के आधार पर बताई है।
फॉरेंसिक और बम निरोधक दस्ते ने जुटाए थे साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने देर रात ही क्षतिग्रस्त मकान की घेराबंदी कर दी थी। अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने रात में घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। शनिवार को डीएसपी संतोष कुमार पोद्दार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने और पटाखों के अवशेष एकत्र किए थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आशंका हुई थी कि विस्फोट के दौरान कुछ लोग हताहत हुए हो सकते हैं। इसके बाद से पुलिस संभावित मृतकों और घायलों की तलाश में जुटी थी।
रविवार को धान के खेत से जला शव मिलने के बाद पुलिस ने इस दिशा में जांच और तेज कर दी है। शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
2024 में भी हुआ था विस्फोट, मो. अख्तर पर दर्ज था मामला
बताया जा रहा है कि मो. अख्तर लंबे समय से पटाखा निर्माण और शादी-विवाह तथा त्योहारों के अवसर पर आतिशबाजी के काम से जुड़ा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2024 में भी उसके घर में विस्फोट हुआ था। उस मामले में मो. अख्तर नामजद आरोपित था और फिलहाल जमानत पर होने की बात बताई जा रही है।
हालांकि वर्ष 2024 में हुए विस्फोट की तीव्रता शुक्रवार की घटना की तुलना में काफी कम थी। शुक्रवार को हुआ विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मो. अख्तर का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के घरों में भी तेज कंपन महसूस किया गया।
छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
घटना को लेकर भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार के बयान पर पटाखा निर्माण, विस्फोटक सामग्री रखने समेत अन्य आरोपों में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपितों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि यह स्पष्ट किया जा रहा है कि गिरफ्तार दोनों व्यक्ति प्राथमिकी में नामजद हैं या नहीं। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



















