नजरिया न्यूज़, अररिया। (विधि संवाददाता)
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण सह संवेदीकरण एवं वर्कशॉप कार्यक्रम का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया गुंजन पाण्डे के द्वारा दिनांक- 28.09.2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर अमरेन्द्र श्रीवास्तव, ए0डी0जे0-6, रोहित श्रीवास्तव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया, अमरेन्द्र प्रसाद, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया, अजय कुमार, स्अेट काउंसलर यूनिसेफ, दिलीप कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया, दीपक कुमार वर्मा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, बबलू कुमार पाल, बाल संरक्षण पदाधिकारी, अररिया एवं सभी सदस्य बाल कल्याण समिति उपस्थित थे।
कार्यक्रम के उदद्याटन के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया श्री गुंजन पाण्डे ने कार्यक्रम की सफलता को लेकर सभी को शुभकामनाएं दी एवं इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का संरक्षण करना हम सबों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
इस प्रशिक्षण सह सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम और वर्कशॉप कार्यक्रम अन्तर्गत नालसा (बच्चों के लिए बाल अनुकूल कानूनी सेवाएं और उनका संरक्षण) योजना-2015 और 2024, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2000, नालसा (आशा-जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) मानक संचालन प्रक्रिया-बाल विवाह को समाप्त करने की दिशा में, 2025-बाल कल्याण से संबंधित कानून, डॉन (नशा मुक्त भारत के लिए नशा जागरूकता और कल्याण नेविगेशन), साथी (आधार के लिए सर्वेक्षण और ट्रैकिंग एवं समग्र समावेश तक पहुंच), जागृति (जमीनी स्तर पर सूचना और पारदर्शिता पहल के लिए न्याय जागरूकता) योजना, सितारा (ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के एकीकरण और उनके पुनर्वास और न्याय तक पहुंच प्रदान करने की योजना) योजना, 2023, संवाद (हाशिए पर, कमजोर आदिवासियों और विमुक्त/खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करना)-नालसा शिक्षा स्कीम, 2026 (मदद और पहुँच के जरिए पूरी तरह शामिल करने, ज्ञान और स्कूलिंग की स्कीम), एसिड पीड़ित, एवं सरकार की अन्य काल्याणकारी योजनाओं पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में न्यायाधीशों के अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं सभी सदस्यगण ने कार्यक्रम में उपस्थित अररिया जिले के थानाध्यक्षों, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी एवं पारा विधिक सेवकों के साथ साथ अन्य हितधारकों को संबोधित किये।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्रधिकार, अररिया श्री रोहित श्रीवास्तव ने बतलाया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्येश्य अधिक से अधिक लोगों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाना है ताकि व्यक्तियों के सामाजिक सुरक्षा में बढावा मिले और लोगों को उनका वास्तविक अधिकार मिल पाये।



















