मिन्टू राय नज़रिया न्यूज़ अररिया।
नरपतगंज/अररिया। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के खैरा चंदा, वार्ड नंबर 4 में प्राथमिक विद्यालय एवं बजरंगबली मंदिर के आसपास संचालित बताई जा रही रसगुल्ला निर्माण इकाई को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। सामने आई तस्वीरों में बड़े-बड़े बर्तनों, प्लास्टिक के ड्रम, मशीनरी और अन्य उपकरणों के जरिए मिठाई तैयार करने की व्यवस्था दिखाई दे रही है।
तस्वीरों में निर्माण स्थल पर मिल्क पाउडर का पैकेट भी नजर आ रहा है। साथ ही उत्पादन परिसर की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री रखने के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां तैयार होने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की जांच आवश्यक है।हालांकि, मिठाई मिलावटी है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। केवल तस्वीरों के आधार पर मिलावट का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मौके पर पहुंचकर मिठाई और इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल के नमूने लेने तथा अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराना जरूरी है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम खैरा चंदा पहुंचकर रसगुल्ला निर्माण इकाई का निरीक्षण करे।
साथ ही फैक्ट्री के लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा पंजीकरण, उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले दूध या मिल्क पाउडर तथा अन्य सामग्री की जांच की जाए।लोगों का कहना है कि यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या मिलावट सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि जांच में सभी सामग्री और उत्पादन प्रक्रिया मानकों के अनुरूप पाई जाती है तो लोगों के बीच बनी शंका भी दूर होगी।अब देखना यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेते है













