- जिला पत्रकार संघ की बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान की मांग
नजरिया न्यूज़,अररिया। सहरसा में प्रभात खबर के पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी व मारपीट की घटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों के साथ हो रही बदसलूकी, गालीगलौज व हमले की घटनाओं के विरोध में जिला पत्रकार संघ अररिया की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को प्रेस भवन, अररिया में आयोजित की गयी. बैठक में जिले के विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने हिस्सा लिया. पत्रकारों ने सहरसा सहित अन्य स्थानों पर पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं पर कड़ा विरोध जताते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग की.
जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ मंटू भगत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सहरसा की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी. वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के दौरान कई बार दबाव व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं. ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, गरिमा व स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकार की रक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है.
दोषियों के विरुद्ध हो कड़ी कार्रवाई
जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि सहरसा में पत्रकार के साथ हुई घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए व जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए.
संघ के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने भी सहरसा की घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने अधिकार व दायरे दोनों की पहचान करनी होगी. उन्होंने मीडिया के नए साथियों को पत्रकारिता की बारीकियों व पेशेवर दायित्वों से अवगत कराने के लिए जिला पत्रकार संघ के बैनर तले एक कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया.
जनता व शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं पत्रकार
प्रभात खबर के ब्यूरो प्रमुख मृगेंद्र मणि सिंह ने कहा कि पत्रकारों के साथ होने वाली किसी भी घटना के विरुद्ध जिला पत्रकार संघ एकजुट है. ऐसी किसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. पत्रकार आम जनता व शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं. इसलिए उनकी सुरक्षा, गरिमा व आत्मसम्मान की रक्षा के लिए माकूल इंतजाम होना जरूरी है.
संघ के उपाध्यक्ष चंदन कुमार लालू ने कहा कि पत्रकारों को शासन-प्रशासन के बीच रहकर अपना काम करना है. इसके लिए उचित मापदंड का होना जरूरी है. प्रशासन के दावों व जमीनी सच्चाई, दोनों पर पत्रकारों की समान दृष्टि होनी चाहिए. किसी एक पहलू को अधिक तवज्जु देने से पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा कि संतुलित व तथ्यपरक पत्रकारिता से ही पत्रकारिता की गरिमा अक्षुण्ण रहेगी व समाज में पत्रकारों का विश्वास कायम रहेगा.
बैठक में अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारों की सुरक्षा, पेशेवर आचरण, स्वतंत्र पत्रकारिता व पत्रकारिता की गरिमा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किये. कार्यक्रम का संचालन दैनिक जागरण के ज्योतिष झा ने किया.
शहर में निकाला विरोध मार्च, एसडीओ को सौंपा मांग पत्र
बैठक के बाद जिला पत्रकार संघ के बैनर तले पत्रकारों ने शहर में विरोध मार्च निकाला. विरोध मार्च प्रेस भवन से काली मंदिर, चांदनी चौक व एसडीओ आवास के रास्ते समाहरणालय पहुंचा. इस दौरान पत्रकारों ने सहरसा की घटना के विरोध में नारेबाजी करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
समाहरणालय पहुंचने के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सदर एसडीओ अररिया व एडीपीओ अररिया को सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने सहरसा मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई व पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.
सम्मानित पत्रकार बंधु भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हिंदुस्तान के प्रभारी फुलेंद्र मल्लिक, वरिष्ठ पत्रकार विष्णुदेव झा बेदी, मंटू भगत, मिंटू सिंह, आमोद शर्मा, चंदन कुमार लालू, कमर आलम, फिरोज आलम, मो. कलीमुद्दीन, रूपेश कुमार, पंकज झा, डिजिटल से जुड़े विकास प्रकाश, राजीव सिंह, साधन यादव, रंजन राज, प्रेम कुमार, मोहम्मद अली, मंटू राय, मोहम्मद आजाद, शुभम कुमार , जगदीश झा, जुबेर आलम, जसीमुद्दीन, मोहम्मद शाहजहां, सहित जिले भर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकार मौजूद थे।










