दिल्ली -आज पूरे विश्व में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर, हेल्दी लाइफस्टाइल, न्यूट्रिशन, वेलनेस और होलिस्टिक हेल्थ की ओर सभी देख रहे हैं। इन सभी क्षेत्रों में भारत के पास अपनी समृद्ध परंपरा और अनुभव है:केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव
त्वरित टिप्पणी: सुल्तानपुर जिले के लंभुआ तहसील क्षेत्र के निवासी डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने कहा: विश्व का सबसे प्राचीन साहित्य आयुर्वेद में देश में उपलब्ध है। आयुर्वेद के ज्ञान से खेत की “माटी” से लेकर “सोच” तक स्वस्थ बनाया जा सकता है…
प्रतिभा सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज दिल्ली, 8सितंबर 2026।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा:
इस वर्ष 11वें आयुर्वेद दिवस की मूल भावना है- ‘आयुर्वेद फॉर हेल्दीयर टुमॉरो’। उन्होंने बताया:आदरणीय प्रधानमंत्री narendramodi के नेतृत्व में, विकसित भारत के विजन के अनुरूप हम एक ऐसा भविष्य चाहते हैं, जहां स्वास्थ्य का अर्थ केवल बीमारी का उपचार न हो, बल्कि स्वस्थ रहने की आदत, सही आहार, उचित दिनचर्या, मानसिक संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्य भी हो। यह जानकारी सोशल मीडिया एक्स पर वायरल हो रही है। उल्लेखनीय है कि
11वां आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर 2026 को नागपुर, महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य विषय “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” है…। मोदीकेयर एडवाइजरों से बातचीत करते हुए सुल्तानपुर जिले के लंभुआ तहसील क्षेत्र के निवासी डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने कहा: विश्व का सबसे प्राचीन साहित्य “आयुर्वेद” देश के पास उपलब्ध है। आयुर्वेद के ज्ञान से खेत की “माटी” से लेकर “सोच” तक स्वस्थ बनाया जा सकता है।



















