कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा:पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
सुल्तानपुर -चकबंदी विभाग कादीपुर ग्राम पंचायत में स्थित पाकरपुर को बना दिया है सहारनपुर
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज,8सितंबर 2026।
त्वरित टिप्पणी: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश जी! सहारनपुर में मस्जिद मुख्यमंत्री या कानून ने गिराया
कादीपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला अंतर्गत कादीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाकरपुर में चकबंदी विभाग ने गाटा संख्या 1868 को वर्ग 6 की आबादी घोषित कर दी
कादीपुर: चकबंदी विभाग ने काश्तकार को मालियत दिए बिना काश्तकार के खाते से गाटा संख्या 1868को खारिज कर दिया
कादीपुर: गाटा संख्या 1868मुस्लिम आबादी से सटा हुआ है, वे कुछ हिस्से पर निर्माण कार्य कर चुके हैं
कादीपुर: चकबंदी विभाग द्वारा फैंसला काश्तकार के पय में दिया जाता है तो निर्माण कार्य ठह जाएगा
कादीपुर: इसके लिए कानून दोषी है या काश्तकार या चकबंदी विभाग जिसने खातेदार को मालियत दिए बिना काश्तकार का नाम खाते से डिलीट कर दिया…
कादीपुर : प्राथमिक कन्या विद्यालय पाकरपुर के विद्यार्थी जिस मैदान गाटा संख्या 2001में खेलते थे,वह मैदान निजी खाते का बताते चकबंदी ने सितंबर 2026में कब्जा दिला दिया। चकबंदी विभाग काश्तकार को मालियत देकर कन्या प्राथमिक पाठशाला खेल मैदान बचा सकता था
कादीपुर: ग्राम पंचायत पाकरपुर के गाटा संख्या 2001 में तथा 3894 में सड़क भी है, चकबंदी विभाग ने उतनी भूमि काश्तकार के खाते से खारिज करके सड़क खाते में दर्ज कर दिया
कादीपुर: चक आउट गाटा संख्या 3894-मौके पर डेढ़ बीघा है। कानून गो ने सीओ सदर को रिपोर्ट दी- पैमाइश संभव नहीं है
उक्त सभी मामलों को डीएम सुल्तानपुर को एसआईटी गठित करके जांच करवानी चाहिए। कन्या प्राथमिक विद्यालय पाकरपुर को खेल मैदान देना चाहिए तथा काश्तकारों को उतनी मूल्य की भूमि ग्राम पंचायत की भूमि चकबंदी विभाग को आवंटित करनी चाहिए। अन्यथा कादीपुर तहसील भी सहारनपुर की तरह सुर्खियां बटोरोगे। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को इतिहास जिम्मेदार ठहराएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की टिप्पणी
सहारनपुर में मस्जिद गिराने की घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है, इसीलिए इस घटना ने राज्य के स्तर से बहुत ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को धूमिल किया है।
उप्र की साम्प्रदायिक भाजपा सरकार और कुछ साम्प्रदायिक अधिकारी भी इस कुकृत्य में संलिप्त हैं। हमारी मांग है कि उन सब दोषियों की जानकारी निकाली जाए और अगर सरकार को इन अपराधियों की जानकारी न हो तो हम उनके नामों का खुलासा करने में मदद करेंगे।
उप्र की भाजपा सरकार जिस प्रकार जुल्म और नाइंसाफ़ी पर उतारू है, उसकी वजह से देश की एकता और अखंडता को ठेस न पहुँचे इसीलिए हम महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक पत्र लिखकर ये दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कुकृत्य उनके संज्ञान में लाएंगे और उनसे कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील करेंगे। जिस तरह भाजपा राज में सांविधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है उससे ‘कान्सटीट्युशनल ब्रेकडाउन’ का दौर आ गया है। जिसकी रक्षा की अपील हम महामहिम राष्ट्रपति जी से करेंगे।
कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा।



















