- सुप्रीम कोर्ट की एमसीपीसी ने दिया प्रशिक्षित मध्यस्थ का प्रमाण पत्र
- जिला जज गुंजन पाण्डेय बोले- मध्यस्थता से टूटते रिश्ते बचेंगे, मुकदमेबाजी घटेगी
नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत), अररिया।
न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और आपसी सुलह से विवाद निपटाने की पहल को अररिया में बड़ी ताकत मिली है।
बिहार न्यायिक अकादमी, गायघाट, पटना में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) द्वारा आयोजित “मध्यस्थता की अवधारणा और तकनीक” पर 40 घंटे के आवासीय प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अररिया न्यायमंडल के 01 न्यायिक पदाधिकारी और 04 अधिवक्ताओं को शनिवार को प्रशिक्षित मध्यस्थ का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
यह प्रमाण पत्र भारत के सर्वोच्च न्यायालय की एमसीपीसी के सदस्य सचिव संतोष कुमार द्वारा निर्गत किया गया है।
*प्रधान जिला जज ने बढ़ाया हौसला*
व्यवहार न्यायालय स्थित अपने प्रकोष्ठ में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री गुंजन पाण्डेय ने एसीजेएम-सह-डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव को न्यायिक अधिकारी के रूप में प्रशिक्षित मध्यस्थ का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इसके बाद डीएलएसए सचिव ने अपने कार्यालय में चार अधिवक्ताओं — श्रवण कुमार झा, कुमारी कामिनी, ठाकुर शंकर कुमार और विनय कुमार झा को अधिवक्ता मध्यस्थ का प्रमाण पत्र सौंपा।
*क्या कहा प्रधान जिला जज ने*
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय ने कहा कि मध्यस्थता न्यायिक प्रणाली का भविष्य है। पारिवारिक विवाद, जमीनी झगड़े, वाणिज्यिक मामले और चेक बाउंस जैसे हजारों मामले हैं जो मध्यस्थता से सुलझ सकते हैं। इसमें न कोई हारता है, न कोई जीतता है, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। इससे समय और धन की बचत के साथ-साथ टूटते सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते भी बच जाते हैं। अररिया को 05 नए प्रशिक्षित मध्यस्थ मिलने से वैकल्पिक विवाद समाधान को गति मिलेगी।
*डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव का अनुभव*
डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 40 घंटे के प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनरों ने मध्यस्थता की बारीकियां, गोपनीयता का सिद्धांत, निष्पक्षता, प्रभावी संवाद और पक्षकारों के बीच विश्वास पैदा करने की तकनीक सिखाई। उन्होंने कहा कि अब अररिया में मध्यस्थता केंद्र को और सक्रिय कर हर सुलहनीय मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा।
*समारोह में मौजूद रहे*
इस गरिमामय समारोह में जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव संजीव कुमार सिन्हा सहित वर्ष 2018 में प्रशिक्षित हो चुके वरिष्ठ मध्यस्थ अधिवक्ता क्रमशः कुमारी बीना, विनीत प्रकाश और नीरज प्रसाद के अलावा डीएलएसए कर्मी नीरज कुमार झा, शेखर कुमार, उमर फारूक, अमित वर्मा, महिला सिपाही गुंजा कुमारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।
सभी ने नये मध्यस्थों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके आने से अररिया में मध्यस्थता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।













