मोदीकेयर: 100पीवी का बिजनेस 15 तारीख से पहले करने वाले चार डायरेक्टरों के लीडर की इनकम सवा चार लाख रुपये वार्षिक से अधिक होती: डॉ.सदानंद पांडेय
= जो एडवाइजर अटूट है, मोदीकेयर सिस्टम का अनुपालन करते हैं, अच्छे बिजनेसमैनों के बीच जिनकी पैठ है, वे करोड़ रुपये से अधिक वर्ष में मोदीकेयर से कमाएंगे: *सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ.बच्चाराम पांडेय*
=मोदीकेयर एक्टिव 80 का यूज फसल में करने से रसायनिक खाद और पानी की लागत 50 प्रतिशत कम हो जाती है
डिटर्जेंट पाउडर और साबुन तथा हल्दी व टूथ पेस्ट की भी खपत 50 प्रतिशत कम हो जाती है: *विवेचना*
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज 5जुलाई 2026
बिजनेस मैन, किसान और जीविका दीदी तथा शिक्षकगण भी उपभोक्ता हैं। इस वर्ग तक मोदीकेयर का निजी अनुभव शेयर करके उन सभी की आय में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की जानकारी मोदीकेयर एडवाइजर को देनी है। कोई भी उपभोक्ता स्वयं हर महीने 100का बिजनेस करता है। चार और लोगों से 100-100पीवी का बिजनेस करवाता है। चारों बिजनेस मैन चार-चार लोगों से 100-100 पीवी का बिजनेस 15 तारीख से पहले करवाते हैं तो ऐसे मोदीकेयर एडवाइजर की आय प्रति वर्ष चार लाख रुपये से अधिक है। यह जानकारी मोदीकेयर डायरेक्टर एडवाइजर डॉ. सदानंद त्रिपाठी ने दी। डॉ. श्री सदानंद पांच जुलाई को कादीपुर तहसील मुख्यालय स्थित मैरिज हाल बरुवारीपुर में मोदीकेयर एडवाइजरों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।
शुभारंभ में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त सरकारी चिकित्सक डॉ. बच्चाराम पांडेय ने मोदीकेयर सिस्टम का अनुपालन करने वाले एडवाइजरों को माला पहनाकर सम्मानित किया।
उन्होंने अपने संदेश में कहा:
भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार सबसे बड़ा सुख सात्विक सुख है। भगवान श्री कृष्ण के अनुसार सात्विक सुख वह सुख है जो शुभारंभ में विष के सामान तथा अंत में अमृत के सामान है।
सेवानिवृत्त सरकारी चिकित्सक डॉ. बच्चाराम पांडेय ने कहा कि मोदीकेयर का अंत सभी मोदीकेयर एडवाइजर के लिए अमृत के सामान होना सुनिश्चित है। मोदीकेयर मंत्र गीता पर आधारित है-स्वयं की सोच बदलिए, फिर,समाज और देश की सोच बदलिए।
उन्होंने उदाहरण दिया कि: मोदीकेयर का प्रोडक्ट खरीदने में किसी को मंहगा लग सकता है लेकिन प्रत्येक वर्ष के अंत में 72 प्रतिशत पे आउट के चलते बाजार के प्रोडक्ट से मोदीकेयर का प्रोडक्ट सस्ता है। मोदीकेयर का प्रोडक्ट यूज करने से संपूर्ण परिवार स्वस्थ रहता है। यह बड़ा सुख अमृत के सामान है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान बांटने के लिए अपने शुभचिंतक अर्जुन को चुना था। आप भी चार शुभचिंतकों को अपना ज्ञान बांटने के लिए चुनिए, और बताइए कि ज्ञान आत्मसात करने वाले की इनकम चार लाख रुपये वार्षिक से अधिक होगी। यह सुख भी सभी एडवाइजर के लिए अमृत के सामान है, जो अंत में मिलेगा। आज धीरुभाई अंबानी के परिवार की आय प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक है लेकिन 1970 की दशक में जब धीरुभाई अम्बानी ने बिजनेस में कदम रखा तो उस समय आज के इतिहास के विषय में कोई नहीं जानता था।
समापन से पहले जानकारी दी गई कि अगली मीटिंग मैरिज हाल बरुवारीपुर में ही एक अगस्त को होगी।
मोदीकेयर एक्टिव 80, मोदीकेयर शेप शिफ्ट यूज करने के तीन महीने बाद भी वजन नहीं कम हो रहा है, कपड़े पर प्रीवाश का यूज कैसे करें आदि समस्याओं का समाधान मीटिंग में किया गया।






















