नजरिया न्यूज़,
अररिया। महिला एवं बाल विकास निगम, अररिया के अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) द्वारा अररिया प्रखंड के हरिया पंचायत के वार्ड संख्या-08 में ग्रामीणों के बीच “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा तथा महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सहायता सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। इसके दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के महत्व को समझाया गया। साथ ही विवाह की वैधानिक आयु एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई।
इस अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण, पोषण, कौशल विकास, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं को संकट की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं एवं किशोरियों को स्वरोजगार से जोड़ने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी ग्रामीणों ने बाल विवाह मुक्त, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेते हुए शपथ ग्रहण की। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





















