स्वस्थ मां, सुरक्षित शिशु और खुशहाल परिवार के लक्ष्य को लेकर 11 से 31 जुलाई तक चलेगा बिहार प्रदेश के किशनगंज जिले में विशेष अभियान
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से योग्य दंपतियों तक पहुंचेंगी परिवार नियोजन की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 30 जून 2026।
बढ़ती जनसंख्या केवल संख्या का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, सीमित संसाधनों पर बढ़ते दबाव, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिरता से भी है। जब दंपति अपनी इच्छा और स्वास्थ्य के अनुरूप परिवार की योजना बनाते हैं, तब मां को गर्भधारण के बीच पर्याप्त अंतराल मिलता है, बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है और परिवार का आर्थिक एवं सामाजिक जीवन अधिक सुदृढ़ बनता है। इसलिए परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति का प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क एवं सामुदायिक उत्प्रेरण पखवाड़ा के माध्यम से आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं स्वैच्छिक साधनों की जानकारी दे रहे हैं, ताकि कोई भी परिवार केवल जानकारी के अभाव में इन महत्वपूर्ण सेवाओं से वंचित न रह जाए।
घर-घर पहुंचेगी जानकारी, योग्य दंपतियों को मिलेगी निःशुल्क सेवा
जिला योजना समन्वयक विस्वजित कुमार ने बताया की राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार अभियान के सफल संचालन के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रखंड स्तर पर भी प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पंचायती राज, जीविका तथा अन्य विभागों के साथ बैठकें आयोजित कर आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि परिवार नियोजन के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है।उन्होंने बताया की परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपतियों से संपर्क करेंगी। उन्हें अस्थायी एवं स्थायी परिवार नियोजन साधनों, जन्मांतराल के लाभ, सुरक्षित मातृत्व तथा नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इच्छुक लाभार्थियों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विशेष रूप से नवविवाहित दंपतियों एवं छोटे बच्चों वाले परिवारों को उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
जनजागरूकता के लिए डिजिटल एवं सामुदायिक माध्यमों का होगा उपयोग
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ मुनाजिम ने बताया की राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार अभियान के दौरान बैनर, पोस्टर, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, ई-रिक्शा प्रचार, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सिविल सोसायटी के सहयोग से गांव-गांव तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक योग्य दंपति स्वैच्छिक रूप से इस अभियान का लाभ उठा सकें।
जनभागीदारी से ही सफल होगी जनसंख्या स्थिरता की मुहिम
जिला पदाधिकारी नविन कुमार ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर परिवार ही विकसित समाज और समृद्ध राष्ट्र की पहचान होते हैं। उन्होंने सभी योग्य दंपतियों से स्वैच्छिक रूप से परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, जीविका समूह, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता तथा सामाजिक संगठन इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब समाज स्वयं इस अभियान का सहभागी बनेगा, तभी स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और जनसंख्या स्थिरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
स्वस्थ मां, सुरक्षित शिशु और खुशहाल परिवार के लिए अपनाएं परिवार नियोजन
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि परिवार नियोजन का उद्देश्य केवल जनसंख्या स्थिरता नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, एनीमिया एवं कुपोषण जैसी चुनौतियों को कम करना तथा प्रत्येक परिवार को बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाएं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।उन्होंने जिले के सभी योग्य दंपतियों से अपील की कि वे अपनी निकटतम आशा कार्यकर्ता, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर विशेषज्ञों से परामर्श लें और अपनी आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित एवं स्वैच्छिक परिवार नियोजन साधनों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि “छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार और खुशहाल भविष्य ही जनसंख्या स्थिरता का सबसे प्रभावी सूत्र है। परिवार नियोजन अपनाकर प्रत्येक परिवार अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के साथ-साथ विकसित बिहार और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।”





















