अररिया की उभरती युवा कलाकार टिया पासवान अपनी शानदार कलाकृतियों के दम पर लगातार नई पहचान बना रही हैं। उनकी प्रतिभा अब जिले की सीमाओं को पार कर दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है। इसी का प्रमाण तब देखने को मिला जब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोनी मिश्रा रावत विशेष रूप से अररिया पहुंचीं और काली मंदिर परिसर में टिया पासवान द्वारा बनाई गई एक आकर्षक पेंटिंग खरीदी।
टिया पासवान अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इटहारा गांव की निवासी हैं। उनके पिता का नाम प्रभु नाथ पासवान है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच टिया ने अपनी मेहनत, लगन और रचनात्मक सोच के बल पर कला जगत में एक अलग पहचान बनाई है। उनकी पेंटिंग्स में भावनाओं की अभिव्यक्ति, रंगों का संतुलन और सृजनात्मकता की झलक साफ दिखाई देती है, जो कला प्रेमियों को आकर्षित करती है।
पेंटिंग खरीदने के बाद सोनी मिश्रा रावत ने टिया की कला की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि टिया की कलाकृतियों में गहराई और संवेदनशीलता दिखाई देती है। उनकी पेंटिंग्स केवल रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
टिया की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में भी खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और कला प्रेमियों ने इसे पूरे अररिया जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। लोगों का कहना है कि गांव की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और टिया पासवान इसका सशक्त उदाहरण हैं।
टिया की सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और समर्पण से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।





















