-परसौनी, परिहार, बथनाहा एवं रुन्नीसैदपुर प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों तथा संबंधित प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों का वेतन स्थगित करने एवं स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश
सीतामढ़ी। जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाले प्रखंडों के प्रति जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक असित रंजन, डीएम एंड ई संतोष कुमार, डीपीसी दिनेश कुमार, प्रतीक यादव, सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त सहयोगी संस्थाओं पीरामल फाउंडेशन, पीएसआई इंडिया तथा वाधवानी एआई के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), संस्थागत प्रसव, लिंगानुपात, नियमित टीकाकरण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए), हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की रैंकिंग, आगामी जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा, भव्या पोर्टल के माध्यम से ओपीडी सेवाओं की स्थिति एवं जर्नी टाइम, पल्स पोलियो अभियान की तैयारी, एईएस से बचाव एवं उपचार की तैयारी, फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की प्रगति तथा आशा कार्यकर्ताओं के चयन सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि कुछ प्रखंडों का प्रदर्शन विभिन्न स्वास्थ्य मानकों पर अपेक्षित स्तर से कम है। इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए जिला पदाधिकारी ने परसौनी, परिहार, बथनाहा एवं रुन्नीसैदपुर प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों तथा संबंधित प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों का वेतन स्थगित करने एवं स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित क्षेत्रीय अनुश्रवण करने तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा टीकाकरण एवं जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं पहुंच में सुधार लाने के लिए सक्रिय एवं जवाबदेह भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया।




















