एसजेवाई लाभार्थी के बच्चों का किया गया चयन
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता किशनगंज, 17जून 2026।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत लाभार्थी जीविका दीदियों के बच्चे हुनरमंद बनकर रोजगार-स्वरोजगार का साधन विकसित कर सके, यह पहल जारी है । जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि अत्यंत निर्धन परिवार से आने वाली सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थी जीविका दीदियों की बेटियों को हुनरमंद कर, घर में आय के अधिक से अधिक अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से किशनगंज जिला के सातों प्रखंड के सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थी जीविका दीदियों के बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा. एसजेवाई परिवार के बच्चों को रुचि और योग्यता अनुसार कपड़ा सिलाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर ओपरेटिंग इत्यादि विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. इसी सिलसिले में जीविका और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान किशनगंज के माध्यम से बुधवार को कपड़ा सिलाई प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। किशनगंज सदर प्रखंड अंतर्गत एसजेवाई लाभार्थी के परिवार के 30 सदस्यीय युवतियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। 31 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण में युवतियों को कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा. कुशल प्रशिक्षक की देख-रेख में यह प्रशिक्षण कार्य किया जाएगा. प्रशिक्षित युवतियों को जीविका दीदी का सिलाई घर में रोजागर के अवसर मिलेंगे. अपना स्वरोजगार भी शुरू कर आर्थिक तौर पर स्वावलंबित हो सकती हैं. आने वाले समय में बाकी छह प्रखंड के सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थी जीविका दीदियों के बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा. एसजेवाई परिवार के बच्चों को रुचि और योग्यता अनुसार विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. घर में रोजगार-स्वरोजगार का साधन विकसित होने से आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। जीविका के माध्यम से एसजेवाई परिवार के बच्चों को हुनरमंद कर, रोजगार-स्वरोजगार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।




















