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विश्व में हो रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की चर्चा-
बिहार से वाराणसी व प्रयागराज से अमेठी तक राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की सोशल मीडिया हो रही चर्चा
*अनिल उपाध्याय/पियूष रंजन सिंह, नजरिया न्यूज संवाददाता, 19 फरवरी।*
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राहुल की छवि को बदल दी है। आम आदमी की भाषा में आम लोगों से जुड़े मुद्दों को राहुल गांधी उठा रहे हैं। राजनीतिक चेतना को जगा रहे हैं। ऐसा तेवर समाजवादी नेताओं में भी नहीं दिखा था। बिहार में लालू यादव और उत्तर प्रदेश में मान्यवर कांशीराम के भाषणों को राहुल गांधी का भाषण याद दिला रहा हैं। गांधी और नेहरू की छवि भी उनमें दिखाई दे रही है। राहुल गांधी का तेवर मुलायम सिंह यादव और बहन मायावती से भी अधिक आक्रामक है। यह समीक्षा सोशल मीडिया पर बुद्धिजीवी और पत्रकार कर रहे हैं।
*अनहोनी की आशंका:*
राहुल गांधी के साथ कभी भी कुछ हो सकता है। राहुल गांधी सुरक्षित रहे तो उनका काम देश को हमेशा के लिए बदल देगा।
73-70 प्रतिशत जनता को उनका तेवर आकर्षित
कह रहा है।
राहुल गांधी दलित, पिछड़ा और गरीब अगड़ों से कहते हैं : तुम तो सत्ता में हो ही नहीं। जजेज, आइएएस, कंपनियों में तुम नहीं हो। ऐसा भाषण तो समाजवादी नेता भी नहीं बोल पाए। कुछ हद तक लालू प्रसाद यादव बोलते हैं, वे उसकी कीमत भी चुका रहे हैं। मायावती बोली तो उन्हें डरा दिया गया। हेमंत सोरेन जेल में हैं।जो वंचित शोषित की बात करेगा, उसे सबक सिखाया जाएगा।
देश की समस्या क्या है और उसका समाधान क्या है? उत्तर प्रदेश आते आते राहुल गांधी उसे जान गए:
वर्चस्ववादियों का देश पर कब्जा है।सारे निजाम में वही बैठे हैं। राहुल गांधी के भाषण में यह सब आक्रामक तेवर में मौजूद हैं। राहुल गांधी विचार देश की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित करेगा। ऐसे नेता के साथ कभी भी कुछ हो सकता है। राजनीति में कभी भी कुछ हो सकता है।
राहुल गांधी दलित, पिछड़ा, आदिवासी आईएएस अधिकारियों की बात उठा रहे हैं: ऐसे तबके अधिकारी डरे हुए हैं। उन्हें डरा है: वे बोलेंगे तो उनके एसीआर के साथ खेल कर दिया जाएगा।
राहुल गांधी कह रहे हैं: आज नहीं तो कल देश का 73प्रतिशत बब्बर शेर जगेगा। दहेड़गा।
सोशल मीडिया के अनुसार: रोंगटे खड़ा कर देने वाला भाषण राहुल गांधी दे रहे हैं। राहुल गांधी के भाषण की लखनऊ में दिन भर चर्चा होती रही:
प्रतापगढ़ को सामंतवाद की प्रयोगशाला मानी जाती है। वहां राहुल गांधी का भाषण संवेदनाओं को छूने वाला रहा: अग्निवीर रहेगा। क्योंकि यह योजना पूंजीपतियों के लिए है।
सोशल मीडिया के अनुसार: उतर प्रदेश कांशीराम की जमीन रही हैं। राहुल गांधी कांशीराम की तरह नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश सामाजिक न्याय की भूमि है। सामंतवाद पर कील ठोंक रहे हैं राहुल गांधी। इसकी अनुगूंज आने वाले समय तक सुनाई पड़ेगी। मायावती खामोश हैं। अखिलेश यादव खामोश हैं। राहुल गांधी बबर शेर की तरह दहाड़ रहे हैं। राहुल गांधी नई इबारत लिखने जा रहे हैं। गांधी और नेहरू, दोनों की विरासत राहुल गांधी के भाषण में दिख रही है। कांशीराम दिखाई दे रहे हैं। अंबेडकर दिखाई दे रहे हैं। यह सब राजनीतिक चेतना को झकझोर रहा है।
राहुल गांधी अधिकारों पर डकैती डालने की जानकारी दे रहे हैं।विश्व के लोग आज भारत के उदय को देख रहे हैं। राहुल गांधी पूरे देश के हो चुके हैं।
राहुल गांधी, डगर-डगर चलकर वर्तमान लिख रहे हैं। इतिहास बना रहे हैं:
इतिहास साक्षी है कि एक तरफ साम्राज्य का जमावड़ा था। एक तरफ पांच लोग और जेल में पैदा हुआ एक लोकनायक था। जेल में पैदा हुआ लोकनायक और पांच भाइयो ने साम्राज्यों के गुट की शक्ति को नतमस्तक करा दिया था ।
लोकसभा चुनाव 2024 में वही स्थिति बनने जा रही है। देश के अधिकांश क्षत्रप एक मंच पर शरीर से खड़े नजर आएंगे। दूसरी तरफ लोक नायक और आम आदमी मन से होंगे। उस समय के महाभारत और इस समय के महाभारत जो अंतर दिखाई देगा, वह यह होगा, तब भीष्म पितामह सत्ता के साथ थे, 2024में भीष्म पितामह अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।





















