प्रवीण वत्स विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ 30मार्च।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में ही प्री-प्राइमरी स्कूलों का संचालन किया जाना है। इसके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आज आंगनवाड़ी केंद्र भवन के नवीन डिजाइन का विमोचन किया गया है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं सहित उत्तर प्रदेश के विकास यात्रा तथा रोजगार के लिए सरकार के द्वारा की जा रही पहल तथा पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री और आंगनवाड़ी सहायिका की भूमिका को देखते हुए आपको यह उपाधि दी है कि यशोदा मैया ने कृष्ण कन्हैया के लिए जिस भूमिका का निर्वहन किया था, वही भूमिका आज के परिप्रेक्ष्य में आपकी है।
यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है, और उस सम्मान की गरिमा की रक्षा ंंकरना, उसके अनुरूप देश के भविष्य को गढ़ना, उसको तराशना, आगे बढ़ाना, उसकी नींव को मजबूत करना, ये महती जिम्मेदारी आपके ऊपर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित है और मां स्वस्थ है, तो मानकर चलिए कि भारत का भविष्य सशक्त है। इसके लिए विगत 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं, और उन प्रयासों के सारथी आप हैं।
उन्होंने कहा:
सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री और आंगनवाड़ी सहायिकाएं इन योजनाओं को जमीनी०स्तर पर उतारते हुए महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही हैं। सुपोषित भारत, साक्षर भारत और सशक्त भारत के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। सुपोषित बच्चा होगा और स्वस्थ मां होगी, तो साक्षर भारत भी होगा और सशक्त भारत होने से कोई रोक नहीं सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
यह अभियान सुपोषित भारत, साक्षर भारत और सशक्त भारत के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।सुपोषित बच्चा और स्वस्थ मां होगी, तो साक्षर भारत भी होगा और सशक्त भारत बनने से कोई नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
पिछले 9 वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत हम लोगों ने 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से जोड़ा है।
1.5 लाख चिह्नित बच्चों में से 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे अभियान की अवधि के भीतर ही कुपोषण से मुक्त होकर सुपोषित हुए हैं।
इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य हमने निर्धारित कर दिया है। 69,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं।
ये स्मार्टफोन आपके कार्य में भी स्मार्टनेस लाएंगे। रियल टाइम पर सही डेटा अपलोड होगा और राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश निरंतर ऊपर उठता हुआ दिखाई देगा।
— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली जो हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां हैं, उनको सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ भी उन्हें उपलब्ध कराया गया है।
आयुष्मान भारत योजना में 3 लाख से अधिक कार्यकर्त्री और सहायिकाओं को भी हर वर्ष 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करने का कार्य भी हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले के भारत की उपलब्धियों को खारिज करते हुए कहा कि गरीब के बारे में कौन पूछता था! गरीब की पीड़ा को जिसने देखा होगा, वही उसके बारे में बात कर सकता है।
जो लोग चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। उनसे यह उम्मीद भी नहीं की जा सकती। वे मंचों पर भाषण देंगे, लेकिन उस पीड़ा के साथ जुड़ नहीं सकते और न ही उनके लिए योजनाएं बना सकते। उन्हें तो सब कुछ अपने परिवार के लिए ही चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें एलईडी टीवी, आरओ प्यूरिफाइड पेयजल, न्यूट्रिशन गार्डन तथा प्री-स्कूल किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट दिखेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 58,237 मदर-कम-चाइल्ड वेइंग स्केल और 10,553 इन्फेंटोमीटर आज आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रदान किए जा रहे हैं।
गत वर्ष भी हम लोगों ने 19,424 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और 3,077 सहायक आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और कहीं से भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
यदि आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट होंगे, तो आपका मानदेय भी उसी अनुरूप होना चाहिए।
मैंने विभाग को निर्देश दिया है कि अति शीघ्र मानदेय का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ज
ने कहा:
हम उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को आगे बढ़ा रहे हैं। शोषणमुक्त व्यवस्था स्थापित करते हुए कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा। जो प्रदेश के हित में कार्य करेगा और विकास में भागीदार बनेगा, उसके साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़ी रहेगी।
इस अवसर पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीन भवनों की डिजाइन का विमोचन भी किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों को जमीनी स्तर पर साकार करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया है। आज उसका परिणाम है कि यहां एक क्लिक करते ही 28 लाख छात्रों के लिए ₹3,350 करोड़ की राशि उनके अकाउंट में पहुंच गई—यानी एक बटन दबाया और पैसा सीधे उनके अकाउंट में।
यह दर्शाता है कि तकनीक किस प्रकार जीवन को आसान बनाती है और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया:
जिन परिवारों के सदस्यों की असामयिक मृत्यु हुई है, उन्हें हमने ‘राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना’ के अंतर्गत पेंशन की सुविधा के साथ-साथ ₹30,000 की नकद राशि भी उपलब्ध कराई है। हमारा प्रदेश अब पहचान के संकट से उबर चुका है। यह दंगा-मुक्त है, कर्फ्यू-मुक्त है और बीमारियों से भी काफी हद तक मुक्त हो चुका है।
आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का एक सशक्त Growth Engine बनकर, विरासत और विकास के संतुलन के साथ एक नए मॉडल के रूप में देश और दुनिया के सामने उभर रहा है।
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Digital Entrepreneur योजना के अंतर्गत 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
Digital Entrepreneurs को 10 लाख तक का ऋण ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक 1,40,000 युवाओं को ₹5 लाख तक का गारंटी-मुक्त एवं ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।उन्होंने कहा:याद रखें, परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता, परिश्रम ही आपको आगे बढ़ाता है।स्कॉलरशिप केवल एक संबल है, आपकी मंजिल नहीं। आपकी वास्तविक मंजिल आपका परिश्रम है और परिश्रम से प्राप्त आपके अंक ही आपको आगे की ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यन ने उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन प्रदान की भी जानकारी दी और कहा:
यह पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।अब हमारा प्रदेश पहचान का मोहताज नहीं है। अब यह दंगा-मुक्त और कर्फ्यू-मुक्त है।
आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का एक सशक्त Growth Engine बनकर, विरासत और विकास के संतुलन के साथ एक नए मॉडल के रूप में देश-दुनिया के सामने उभर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस माध्यम से अब तक 5 लाख 54 हजार बेटियों की शादी हुई है। इस योजना के अंतर्गत बेटी की शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता राशि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा:
कोरोना काल के बाद हम लोगों ने अभ्युदय कोचिंग शुरू की थी, अभी इसमें और कार्य किए जाने की आवश्यकता है। एक गाइड के रूप में, एक योजक के रूप में अभ्युदय कोचिंग को तैयार करना होगा।






















