नजरिया न्यूज।भरगामा।
विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमाएं गुरुवार को गाजे-बाजे के साथ नदी व तालाबों में विसर्जित की गई। प्रखंड क्षेत्र में सिमरबनी, शंकरपुर, जयनगर, कुसमौल, शेखपुरा, महथावा, रघुनाथपुर, पैकपार, भरगामा बाजार, खजूरी आदि जगहों पर पूजा-अर्चना के बाद विभिन्न पूजा पंड़ालों से मां सरस्वती की प्रतिमाएं जुलूस के साथ विसर्जन के लिए निकाली गईं। विसर्जन जुलूस नदी व तालाबों पर पहुंचा, जहां मां सरस्वती की प्रतिमाएं विसर्जित की गई। पूरे दिन मां की प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर चलता रहा। मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चुस्त दिखा। वहीं प्रखंड क्षेत्र में छात्र छात्राए ” जाती हो तो जाओ मां,विद्या देती जाओं मां” व ” एक साल में आती है विद्या देकर जाती है ” के जयकारे लगाते हुए तमाम शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित मां शारदे की प्रतिमा का विसर्जन स्थानीय तालाबों तथा नदी में किया गया। प्रतिमा के पीछे नाचते-गाते युवकों की टोली से तालाबों तथा नहर पर मेला का दृश्य बन गया। पुरे थानाक्षेत्र में प्रशासन की मुस्तैदी के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात दिखे। इस अवसर पर विद्यालयों में सरस्वती वंदना के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
कई स्थानों पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम:-
मां सरस्वती की पूजा अर्चना के बीच गुरुवार की रात्रि कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रशासनिक स्तर पर आर्केस्ट्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण अधिकांश पूजा समितियों को आर्केस्ट्रा के आयोजन से खुद को अलग रखा।
गुलाल से पटी सड़कें:-
मां सरस्वती की प्रतिमाओं के विसर्जन के समय गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र की सड़कें गुलाल से पट गई। विभिन्न पूजा समितियों के लोगों ने मूर्तियों के विसर्जन के मौके पर जमकर गुलाल उड़ाया। ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह का दृश्य दिखा।
पूरी तरह से चौकस रहा प्रशासन:-
मां सरस्वती की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चौकस रहा। तैनात किए गए दंडाधिकारी तथा पुलिस बल मूर्ति विसर्जन के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखा। इस दौरान पूरे थाना क्षेत्र में पुलिस भर्ती तेज रही वहीं गश्ती दल में बीडीओ शशिभूषण सुमन, अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्र, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, एसआई राजनारायण यादव, एसआई अखिलेश कुमार, एएसआई गौरी शंकर यादव व सशस्त्र बल के जवान सक्रिय दिखे। गुरुवार को पूरे दिन नदी व तालाब से लेकर नहरों व नदी घाटों पर मूर्तियां विसर्जित की जाती रहीं।





















