- जिले में अभी तक 88.42 प्रतिशत लोगों कों खिलाई गईं सर्वजन दवा
- गर्भवती, गंभीर बीमार और दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलानी है दवा
बेतिया, 26 फ़रवरी।
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन अभियान अब स्कूलों में बूथ लगाकर चलाया जा रहा है। जिले के डीभीबीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए कहा की कहीं कहीं यह सुना जाता है की दवा सेवन के बाद उल्टी, चक्कर जैसा लक्षण बच्चे में मिलता है। ऐसे में किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा की यह फाइलेरिया के परजीवी के मरने का शुभ संकेत है। उन्होंने आमजनों से अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देने की अपील की है। डीभीबीडीसीओ ने बताया की जिले में अभी तक 88.42 प्रतिशत लोगों को दवा खिलाई गईं है। भिडीसीओ प्रशांत कुमार ने बताया की प्रखंड बैरिया, बगही रतनपूर में 06 बच्चों की तबियत थोड़ी ख़राब हुई जो अब पूरी तरह स्वस्थ है। वही आज बेतिया के मुशहरी टोला वार्ड नंबर 45 में 60 घर के लोगों ने दवा खाने से इंकार किया जिसे बीसीएम, पिरामल टीम, आशा व अन्य स्वास्थ्य विभाग के टीम के समझाने पर लोगों कों दवा खिलाई गईं।
वही एसीएमओ डॉ रमेश चंद्र ने कहा की एमडीए के तहत दी जाने वाली दवा शत-प्रतिशत सुरक्षित है। इसे स्वस्थ और फाइलेरिया से ग्रसित सभी लोगों को खाना आवश्यक है। दवा खाने के बाद अगर किसी तरह की दिक्कत होती है, तो आशा को आपातकालीन ड्रग कीट दी गई है।
उसमें बुखार, उल्टी, एंटी एलर्जी और ओआरएस घोल जैसी प्राथमिक दवाएं है। जिसे प्रतिकूल असर वाले कोई भी व्यक्ति मांग सकते हैं। इसके अलावे सभी प्रखंड में रैपिड रिस्पांस टीम भी कार्यरत है।
सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने कहा की कई लोगों के शरीर में पहले से फाइलेरिया के परजीवी मौजूद होते है दवा सेवन करने के बाद परजीवी मरते है जिसके कारण उल्टी, चक्कर आदि समस्या हो सकती है। उन्होंने लोगों से खाली पेट फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन नहीं करने को कहा है। उन्होंने कहा की जिला स्तर पर टीम द्वारा दवा खिलाने की मॉनिटरिंग की जा रही है





















