बारसोई प्रखंड के दूर दराज गांव में स्थित विद्यालयों और मदरसा में गैस सिलेंडर के बजाय लकड़ी के चूल्हे में मध्यान भोजन पकाया जाता है। वहीं गुरुवार को पश्चिम बंगाल से सेट बसलगांव पंचायत का निरीक्षण किया गया तो वहां मछेल गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय खास टोला में देखा गया गया कि वहां के रसोईया गण बच्चों के लिए लकड़ी के चूल्हे में खाना पका रही है। वहीं इस संबंध में पूछने पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद सोहेल ने बताया कि हम लोग का विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से काफी दूर है।
वहां से सिलेंडर लाने ले जाने में काफी परेशानी होती है। जबकि खाना पकाने का काम लकड़ी में भी आसानी से हो जाता है। तथा यहां लकड़ी भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। बता दें कि उक्त विद्यालय में 276 बच्चों का नामांकन है। परंतु उपस्थिति मात्र दो दर्जन बच्चे की देखी गई। इस संबंध में प्रधानाध्यापक का कहना है कि गांव में कहीं भी शादी- विवाह, फंक्शन -उत्सव होने से उपस्थिति बहुत ही काम हो जाती है। परंतु भोजन के समय आसपास के गांव के अनेकों बच्चे भोजन के समय थाली लेकर पहुंच जाते हैं उसमें अनेकों बच्चे विद्यालय के नहीं होते हैं फिर भी उन्हें भोजन कराना पड़ता है।
अररिया में युवती की संदिग्ध आत्महत्या, प्रेम प्रसंग की आशंका से सनसनी
नजरिया न्यूज़, अररिया। अररिया शहर के पानी टंकी रोड स्थित जयप्रकाश नगर में एक युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने...





















