वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज 13 फरवरी।
बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लि. विषय पर आयोजित कार्यशाला में 12 फरवरी को जीविका कर्मियों ने भाग लिया। शुक्रवार को जीविका जिला कार्यालय स्थित प्रशिक्षण एवं सूचना केंद्र में आयोजित कार्यशाला में किशनगंज जिला के सभी जीविका कर्मियों ने हिस्सा लिया। राज्य कार्यालय से आये रिसोर्स पर्सन के द्वारा कार्यशाला में जीविका निधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसे शुरू करने उद्देश्य, उपयोगिता, कार्य संचालन लाभ इत्यादि पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यशाला की शुरुआत जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर इन्होंने जीविका कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीविका निधि के माध्यम से महिलाओं को सुगमता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जीविका निधि के शुभारंभ से व्यावसायिक बैंकों पर निर्भरता कम होगी। जीविका दीदियों को स्वरोजगार के लिए सुलभ ऋण उपलब्ध हो सकेगा। ऋण की उपलब्धता से पूँजी का प्रवाह बढ़ेगा। स्वरोजगार के साधन विकसित हो सकेंगे। जीविका दीदियों के लिए रोजगार – स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जीविका दीदियों की आय बढ़ेगी। जीवन स्तर बेहतर होगा। किशनगंज जिला में बाईस हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह से लगभग तीन लाख अठारह हजार जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। जीविका दीदियों को जीविका निधि की शुरुआत से लाभ मिलेगा। जीविका के सामुदायिक वित्त प्रबंधक सुफल कुमार झा ने बताया कि कार्यशाला में जीविका निधि की कार्य संरचना, कार्य प्रणाली, इसके संचालन में कर्मियों की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से बताया गया। जीविका दीदियों के लिए सुलभ ऋण की उपलब्धता और उससे आय का साधन विकसित करने के महत्व पर बात की गई। कार्य संचालन रणनीति पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में जिला के विभिन्न विषयगत प्रबंधक एवं सभी कर्मियों ने हिस्सा लिया। साथ ही प्रखंड से आये प्रखंड परियोजना प्रबंधक, लाइवलीहुड स्पेशलिस्ट, क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक, कार्यालय सहायक, लेखपाल ने भाग लिया।



















