– जांच दस्ता दल की टीम ने कहा खोजबीन में बम नहीं मिला है, कोई दिक्कत नहीं है
– स्थिति सामान्य जानकर सभी अपने अपने कार्य क्षेत्रों में जुट गए
नजरिया न्यूज (रूबी विनीत), अररिया।
गुरुवार की सुबह जब यह एकाएक फिर से हल्ला हुआ कि अररिया व्यवहार न्यायालय को किसी ने बम से उड़ाने की धमकी दिया है। लोगो खासकर अधिवक्ताओं व न्यायार्थीयो में बेचैनी का माहौल बढ़ गया. यह इस तरह का इस वर्ष का तीसरा धमकी भरा ईमेल था, जो न्यायमंडल के कंप्यूटर रुम को प्राप्त हुआ है.
बताया जाता है कि व्यवहार न्यायालय अररिया के कंप्यूटर रुम तीसरी बार फिर एक ईमेल आया, जिसमें लिखा था कि व्यवहार न्यायालय अररिया को बम से उड़ाया जाएगा. बस फिर क्या था. कंप्यूटर रूम के सिस्टम इंचार्ज राहुल कुमार ने इसकी जानकारी जिला जज के एडमिसट्रेशन इंचार्ज अजय कुमार को दिए. एडमिसट्रेशन इंचार्ज अजय कुमार ने इसकी विधिवत सूचना प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय को दी. जिला जज गुंजन पाण्डेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा के मद्देनजर मेल में आया धमकी भरा ईमेल की कॉपी को जिला पदाधिकारी, एसपी, माननीय हाई कोर्ट पटना तथा डीजीपी सहित जिला अधिवक्ता संघ एवं जिला बार एसोसिएशन को भिजवा दिया.
सूचना पर एसपी के द्वारा तुरंत ही कारगर कदम उठाए गया. पुलिस प्रशासन की निगरानी में न्यायालय परिसर में जांच दस्ता टीम पहुंचकर बम का शिनाख्त करने में जुट गई. साथ ही न्यायमंडल के मुख्य गेट पर पुलिस बल की तैनाती कर दिया गया. गुरुवार को न्यायालय परिसर में न्यायार्थियों की अप्रत्याशित भीड़ देखी गई. कयास लगाया जा रहा है कि इस बात की सूचना एसपी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोगों तक पहुंची. जबकि अधिवक्ताओं को जिला बार एसोसिएशन व जिले अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सचिव से दिया गया. इस तरह मामले की जानकारी लोगों तक फैल गया.
इधर , न्यायमंडल के मुख्य गेट पर तैनात पुलिस बलों के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के तहत गहन पूछताछ व छानबीन कर लोगों को खासकर अधिवक्ताओं सहित रजिस्टर्ड अधिवक्ता लिपिकों (मुंशी) का आई कार्ड देखकर व उपस्थित न्यायार्थियों की भौतिक जांच कर संतुष्ट होने पर ही न्यायालय परिसर में जाने की अनुमति दी गई.
इधर, न्यायालय परिसर में कही बम रखा हुआ है. इस बात से भनक लगते ही आम नागरिकों सहित न्यायार्थियों में भय का माहौल देखा गया. अररिया न्यायमंडल पूर्णरूपेण खाली हो गया था. बताया जा रहा है कि बम धमाके की धमकी के बाद डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाया गया. डॉग स्क्वायड की टीम कोर्ट परिसर की छानबीन में जुटी. लेकिन किसी भी प्रकार का कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ.
स्थिति सामान्य जानकर सभी अपने अपने कार्य क्षेत्रों में जुट गए. देर संध्या तक सभी न्यायिक पदाधिकारी गण सहित कोर्टकर्मी कार्य करते देखे गए.
कई अधिवक्ताओं ने कहा कि आखिर ईमेल भेजने वाले व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है.



















