नजरिया / कुशेश्वरस्थान।
शिव गंगा घाट पर मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की ओर से दो दिवसीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ सहित अन्य आपदाजनक परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इसमें यह दर्शाया गया कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग किस तरह आपसी तालमेल के साथ कार्य करेंगे।
रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार और राहत वितरण का प्रदर्शन

एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर रेस्क्यू तकनीक, प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। साथ ही आपदा के दौरान संचार व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
घबराने की नहीं, जागरूक होने की जरूरत : डिप्टी कमांडेंट

डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी प्रकार की घबराहट फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना और प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों की जांच करना है। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों की तुलना में दरभंगा जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियां बेहतर पाई गई हैं।
अभ्यास के बाद समीक्षा बैठक, कमियों को दूर करने के निर्देश

मॉक ड्रिल के समापन के बाद सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन प्रणाली होगी और सशक्त

अंचल प्रशासन ने एनडीआरएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यासों से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होती है तथा आपात स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।
- इस अवसर पर सीओ गोपाल पासवान, थाना अध्यक्ष गौरव प्रसाद, एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर ज्योति कुमार झा, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव राज, मुखिया छेदी राय, भज्जू महतो, नवल किशोर राय, परमानंद साह, आपदा मित्र भागेश्वर राय, शशि कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
























