नजरिया न्युज। भरगामा।
बुधवार को 17 वां स्वामी शुकदेवानंद स्मृति समारोह आयोजित किया गया। समारोह में संतमत के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानन्द जी महाराज,स्वामी बोधानंद जी व स्वामी रमेशानंद जी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
भरगामा प्रखंड के कुशमौल गांव में स्वामी शुकदेवानंद स्मृति कार्यक्रम के दौरान सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संतमत के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानन्द जी महाराज ने बताया कि मानव जीवन मे संतों की बहुत हीं महती भुमिका होती हैं। आज के आपाधापी भरी जीवन में मनुष्य अपने धर्म के प्रति विमुख होते जा रहें हैं। मनुष्य को जीवन काल में थोड़ा समय निकाल कर संतो की वाणी सुननी चाहिए ताकि उसका जीवन सफल हो सके। जीवों में सबसे उत्तम मनुष्य योनि है। शरीर कठिन तपस्या के बाद प्राप्त होता है। शरीर को परोपकार में लगाना चाहिए। ताकि आगे भी मनुष्य योनि प्राप्त हो सके। स्वामी शुकदेवानंद जी के स्मृति के बारे में कहा कि वे प्रकांड विद्वान थे । हिंदी ,अंगेजी ,उर्दू बंगला के अलावा नेपाली भाषा में भी उनकी अद्भुत क्षमता थी। स्वामी बोधानंद जी महाराज ने भी सतसंग समारोह में शुकदेवानंद जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
स्वामी रमेशानंद जी ने कहा ईश्वर के भजन से जीवों का कल्याण होता है ईश्वर सर्वव्यापकता से भी परे हैं। मन को पवित्र कर तन को स्थिर करे। ज्ञान यज्ञ ही सत्संग है। दुखों से छुटकारा पाने के लिए सत्संग और ध्यान करे।
पूर्व प्रमुख दिव्यप्रकाश यादवेंदु ने बताया कि प्रत्येक वर्ष इस मंच से स्वामी शुकदेवानंद सेवा समिति के द्वारा व्यक्ति ,समाज, राष्ट्र और धर्म के हित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित एवं स्मृति चिन्ह दिया जाता है।
वहीं इस कार्यक्रम में अन्य संत महात्माओं ने पहुंचकर अपने वाणी से लोंगों को मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम में लाइफ सेवियर्स फाउंडेशन जो गरीब व जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क रक्तदान करने के कार्य में सक्रिय रहते हैं। फाउंडेशन के दर्जनों लोगों को शाॅल ओढ़ाकर कर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में भरगामा प्रखंड प्रमुख संगीता यादव, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधी गुड्डू यादव,जिला पार्षद सत्यनारायण यादव, रेणु साहित्य मंच के संस्थापक अजय अकेला, मंडल अध्यक्ष कौशल सिंह भदौरिया,दिलीप साह,सितांशु शेखर पिंटू,समाजसेवी रविन्द्र यादव, शिवशंकर यादव, गजेंद्र यादव, अरुण यादव, अशोक यादव, रमेश यादव, संतलाल यादव, प्रकाश झा,शशी यादव,मनोज यादव ,गयानन्द सिंह,लक्ष्मण सिंह,बच्चू यादव, उमेश यादव, सुरेश श्रीवास्तव,बिनोद मंडल,शंकर झा,अनिल यादव एवं हजारों की संख्या में सत्संग प्रेमी मौजूद थे।





















