व्यवहार न्यायालय सभागार, अररिया में दिनांक 01 फरवरी 2026 को एन०डी०पी०एस० (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के प्रावधानों को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत पूर्वाह्न 11:00 बजे हुई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन और निष्पक्ष जांच का विशेष महत्व है। उन्होंने न्यायालय, प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी, अररिया ने मादक पदार्थों की रोकथाम को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है। वहीं पुलिस अधीक्षक, अररिया ने एनडीपीएस मामलों की जांच में सावधानी और नियमों के पालन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, अदालती प्रक्रियाओं और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने इसे ज्ञानवर्धक बताते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की मांग की।























