=मेरी चिठ्ठी पर धारा 370हटी, राज्यपाल का भवन सभी के लिए खुला रहता था
==कोई भी कभी मुलाकात कर सकता था। मुफ्ती मोहम्मद कहतीं थीं इलेक्शन लड़ना है क्या
= ह्वाट्सएप पर चैट को पढ़ता था, आधी रात को भी मोबाइल रिसीव करता था, नफ़रत को मोहम्मद में बदल दिया था :
सत्यपाल मलिक
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी, नजरिया न्यूज, 13फरवरी।
मेरी चिठ्ठी पर कश्मीर से धारा 370हटी।राज्यपाल का भवन सभी कश्मीरियों के लिए खुला रहता था।कोई भी कभी मुलाकात कर सकता था। मुफ्ती मोहम्मद कहतीं थीं इलेक्शन लड़ना है क्या? ह्वाट्सएप पर चैट को पढ़ता था, आधी रात को भी मोबाइल रिसीव करता था। नफ़रत को मोहम्मद में बदल दिया था। राहुल गांधी पद नहीं चाहते। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह बात जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक ने कही। वे सोशल मीडिया पर बातचीत कर रहे थे:
धारा 370लोकतांत्रित नहीं थी, अलगाव पैदा करती थी। इसके हटने के बाद वहां बड़े पैमाने पर इंवेस्टमेंट होना चाहिए था, इंडस्ट्रियों को जाना चाहिए था, लेकिन ये कुछ कर ही नहीं रहे हैं।
सवालों का जवाब:
पुलवामा पर गवर्नर रहते बोला था। पद से हटने या पार्टी से त्यागपत्र देने से पहले बोला था। किसानों की समस्या पर भी उसी समय बोला था। पुलवामा हमला के ही दिन एसपी को हटाया था। उतना विस्फोटक लोकल हो ही नहीं सकता था। पाकिस्तान से भेजा गया था।लोकल लोग उस समय हमारे पक्ष में नहीं थे।
राहुल गांधी आए थे। उनसे बातचीत हुई थी। एक कमरे का मेरा मकान है। यही मेरी ताकत है।इसी बेसिस पर नरेन्द्र मोदी से आंख मिला सकता हूं। अंबानी की इंश्योरेंस कंपनी है। एमएसपी लागू हो जाने से अंबानी को नुकसान होगा। उन्हें भी अपनी गोदाम भरने के लिए किसानों को एमएसपी देनी होगी।
देश उनके लिए होता है, जिसके बच्चे फौज में होते हैं। इनके लिए देश कुछ नहीं होता।वे फकीर हैं, उनकी एक- एक साल 15लाख की होती है।एमएसपी पर मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी थी।
लोहिया जी कहते हैं, दिल्ली बहुत खराब है। यह अच्छे अच्छे को बर्बाद कर देती है।
राहुल गांधी अपने लिए कुछ नहीं चाहते, यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। राहुल गांधी अपने लिए कुछ नहीं चाहते, यह उनकी बहुत बड़ी ताकत है।
कश्मीर में चुनाव से पहले स्टेटहुड वापस कर देना चाहिए, यह मेरा केंद्र सरकार को मशविरा है।
370 धारा जब वहां से हटी थी तो पीसफुल माहोल था। मैं वहां का राज्यपाल था। इसका कारण था:
मैंने लोगों को समझाया। आपके 250बच्चे टेररिस्ट हैं। यहां की फौज विश्व की तीसरी बेस्ट फौज है। वे सब मारे जाएंगे। नेताओं के बच्चे तो विदेश में पढ़ रहे हैं।
विपक्ष स्ट्रगल नहीं कर रहा है। बना बनाया माल किसी को नहीं मिलता। नरेंद्र मोदी इस देश को चलाने के लिए फिट नहीं हैं। मुल्क का मालिक का स्वयं को मानते हैं। पुलवामा घटना के लिए हम दोषी थे। पुलवामा की वजह से इलेक्शन जीत गए थे। विपक्ष इसे इश्यू बना लें तो वे आज भी इलेक्शन हार जाएंगे। इतने जवान मरे। सर कलम किया गया। कोई जांच हुई?यह ओपेन है। उन्होंने एयरक्राफ्ट मांगे, आपने नहीं दिए। जवानों की जान की कोई कीमत नहीं लगाई। मुझे विपक्ष से भी शिकायत है। इसे विपक्ष भी नहीं उठा रहा है।





















