= संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक ब्रह्मजीत ने संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के नवीनीकरण के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी के समक्ष माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर चल रही सुनवाई के दौरान किया था पेश
अनिल उपाध्याय और मनोज सिंह, नजरिया न्यूज, 25 दिसंबर 2025।
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासन में सोसाइटियों के रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रारों को 16जनवरी 1990 को शासन की तरफ से अनुसचिव उक्त प्रदेश शासन छोटे लाल श्रीवास्तव ने आदेश पत्र भेजकर कहा था “पंजीकृत संस्थाओं का नवीनीकरण ही किया जाएगा। पुनः पंजीकरण नहीं किया जाएगा”। अनु.सचिव उत्तर प्रदेश शासन का पत्र बतौर कानूनी साक्ष्य संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक ब्रह्मजीत सिंह ने डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह के समक्ष 2014में प्रस्तुत किया । पत्र उत्तर प्रदेश के सोसाइटियों के रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार को संबोधित करके लिखा गया था। उस समय और आज भी उक्त में लिखे गए आदेश को निरस्त नहीं किया गया है।कानून के सापेक्ष संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण करने आदेश माननीय उच्च न्यायालय 2013में सुनाया था। पत्र में उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से 1990 में लिखा गया था :
“पंजीकृत संस्थाओं का नवीनीकरण ही किया जाएगा। संस्थाओं का पुनः पंजीकरण नहीं किया जाएगा। उक्त आदेश के बावजूद डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह ने
कबूतरबाजों तथा शिक्षा माफियाओं का साथ देते हुए संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के पते पर नई संस्था संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर का पंजीकरण सही ठहराया तथा संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर का नवीनीकरण नहीं किया ।
वर्ष 2014में ऐसा इसलिए डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह ने किया, क्योंकि संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर का प्रबंधक सुभाष त्रिपाठी डिप्टी रजिस्ट्रार का चचेरे भाई था। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में कबूतरबाज संस्था संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का सगा चचेरा भाई योगेश त्रिपाठी 2025में वाराणसी का डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर नियुक्त किया गया। डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी योगेश त्रिपाठी ने 2025में अपने सगे चचेरे भाई को संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का प्रबंधक बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश शासन से मार्गदर्शन लिए बगैर 1932से अबतक संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से संबद्ध तथा अस्तित्व विहीन संस्था संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर की फाइल को मर्ज कर दिया।
इसके विरोध में संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंध तंत्र ने प्रबंधक ब्रह्मजीत सिंह की अध्यक्षता में 20 दिसंबर 2025को बैठक करके संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इससे पहले संपूर्ण घटनाक्रम से डीएम जौनपुर तथा कुलपति संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी को ज्ञापन भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
पिता के शासनकाल में जारी आदेश की पुत्र के शासनकाल में की गई उपेक्षा
1990 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे। 5 दिसंबर 1989 से 24 जून 1991 मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे । इसी दौरान जनवरी 1990 में शासनादेश जारी हुआ कि संस्थाओं का नवीनीकरण ही किया जाएगा। संस्थाओं का पुनः पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
वर्ष 2014में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। उनके शासनकाल में हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश के बावजूद उक्त कानून के अनुसार संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण नहीं किया गया। संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के पते पर पंजीकृत संस्था संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का पंजीकरण सही ठहराया गया। अद्भुत है प्रशासन की कार्यप्रणाली।























